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Friday, 17 February 2017

Home remedies for cough cold:

सर्दी, खांसी और जुखाम ये एक ही परिवार के रोग है और इनकी औषोधी भी लगभग एक है.
* आपको आसान से नुस्खे यहाँ बता रहा हूँ जिसे आप घर पे बनाये और एलोपेथी दवाओं के साइड इफेक्ट से भी बचे .

आयुर्वेदिक औषधियां घर पे बनाये :-

* ये एक अच्छी दवाई, खांसी ‪जुकाम‬ एलर्जी सर्दी आदि के लिए जिसे आप घर पर बना सकते है इसके लिए आपको चाहिए तुलसी के पत्ते, तना और बीज तीनो का कुल वजन 50 ग्राम इसके लिए आप तुलसी के ऊपर से तोड ले इसमें बीज तना और तुलसी के पत्ते तीनो आ जाएंगे |


इनको एक बरतन में डाल कर 500 मिलि पानी डाल ले और इसमें 100 ग्राम अदरक और 20 ग्राम काली मिर्च दोनो को पीस कर डाले और अच्छे से उबाल कर काढे और जब पानी 100 ग्राम रह जाए तो इसे छान कर किसी कांच की बोतल में डाल कर रखे इसमे थोडा सा शहद मिला कर आप इसके दो चम्मच ले सकते है दिन में 3 बार | 

* जुकाम के लिए 2 चम्मच अजवायन को तवे पर हल्का भूने और फ़िर उसे एक रूमाल या कपडे में बांध ले और पोटली बना ले उस पोटली को नाक से सूंघे और सो जाए.

* खांसी के लिए रोज दिन में 3 बार हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच सैंधा नमक डाल कर गरारे करे सुबह उठ कर दोपहर को और फ़िर रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद में थोडी सी पीसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर मिलाए और उसे चाटे अगर खासी ज्यादा आ रही हो तो 2 साबुत काली मिर्च के दाने और थोडी सी मिश्री मुंह में रख कर चूसे आपको आराम मिलेगा.

*गले की खराश, या गले मे किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो, गला बैठ गया है, पानी पिने मे भी तकलीफ हो रही है, लार निकलने मे भी तकलीफ हो रही है, आवाज भरी हो गयी है .. इन सबके लिए एक ग्लास देशी गाय का दूध, एक चम्मच देशी गाय का घी और चौथाई चम्मच हल्दी को मिलाके कुछ देर उबालना है फिर उसको सिप सिप करके चाय की तरह पीना है शाम को एकबार | 

एक और प्रस्तुत है खांसी की अचूक दवा:-
* कई बार खांसते-खांसते हम परेशान हो जाते हैं। दवाएं काम नहीं करती हैं।
* गर्भवती महिलाओं के लिए दो एलोपैथिक दवाएं लेना निराप्रद नहीं माना गया है।
* वहीं शल्य-चिकित्सा कराने वाले रोगियों के लिए ज्यादा देर तक खांसना बिल्कुल ही सेहतमंद नहीं होता है। गले में खरास किच-किच जैसी कुछ होती है।
* ऐसे में एक आसान औषधि, जो हमने स्वयं ही अत्यंत विषम परिस्थिति में आजमाया था आप अगर मुश्किल में हैं तो आजमाइये और अपना अनुभव जरूर बताएं।
दालचीनी- थोड़ी मात्रा( लगभग एक ग्राम )
शहद- आधा चम्मच
प्रयोग विधि;--
* दालचीनी को पूरी तरह पीसकर पाउडर बना लें। बायीं हाथ की हथेली पर करीब आधा चम्मच शहद लेकर उसके ऊपर दालचीनी (दो चुटकी भर) डालें और दायें हाथ की अंगुली से अच्छी तरह मिलाएं और उसे चाट जाएं।

परिणाम;--
* दो से तीन मिनट में खांसी जाती रहेगी। दोबारा खांसी हो तो इस प्रयोग को दोबारा आजमा सकते हैं।
* अगर दही खाते है तो उसे बंद करदे और रात को सोते समय दूध न पिए
* तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी में सबसे बढि़या रहती हैं।
* हींग, त्रिफला, मुलहठी और मिश्री को नीबू के रस में मिलाकर लेने से खांसी कम करने में मदद मिलती है।
* पीपली, काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर चौथाई चम्मच शहद के साथ लेना अच्छा रहता है।

आयुर्वेदिक उपचार खांसी जुकाम एलर्जी सर्दी:

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Saturday, 1 October 2016

खांसी चाहे जैसी भी हो, सूखी हो तर हो बलगम वाली हो या फिर तेज़ दवाओ के सेवन के कारण छाती पर कफ जम गया हो तो अपनाने चाहिए ये घरेलु नुस्खे। जो बिलकुल सुरक्षित हैं। और इन परिस्थितियों से आराम मिलता हैं। 

सुखी और तर खांसी:

भुनी हुई फिटकरी दस ग्राम और देशी खांड 100 ग्राम, दोनों को बारीक़ पीसकर आपस में मिला ले और बराबर मात्रा में चौदह पुड़िया बना ले। सुखी खांसी में 125 ग्राम गर्म दूध के साथ एक पुड़िया नित्य सोते समय ले। गीली खांसी में 125 ग्राम गर्म पानी के साथ एक पुड़िया नित्य सोते समय ले।

पुरानी खांसी:

पुरानी खांसी के लिए फिटकरी का फुला ।
फिटकरी को पीसकर लोहे की कड़ाही में या तवे पर रखकर आग पर चढ़ा दे। फूलकर पानी हो जाएगी। जब सब फिटकरी पानी होकर नीचे की तरफ से खुश्क होने लगे तब उसी समय आंच तनिक कम करके किसी छुरी आदि से उल्टा दे। अब फिर दोबारा आंच थोड़ी तेज करे तांकि इस तरफ भी नीचे से खुश्क होने लगे। फिर इस खुश्क फूली फिटकरी का चूर्ण बनाकर रख ले। इस तरह फिटकरी का कई रोगो में सफलतापूर्वक बिना किसी हानि के में व्यवहार में लायी जाती हैं।

विशेष- इससे पुरानी से पुरानी खांसी दो सफ्तह के अंदर दुर हो जाती है। साधारण दमा भी दूर हो जाता है। गर्मियों की खांसी के लिए विशेष लाभप्रद है। बिलकुल हानिरहित सफल प्रयोग है।

ब्रोंकाइटिस व् गले की खराश और गला बैठना आदि रोगो के लिए अन्य प्रयोग:

1. काली मिर्च और मिश्री बराबर वजन लेकर पीस ले। इसमें इतना देशी घी मिलाये कि गोली सी बन जाए। झरबेरी के बेर के बराबर गोलिया बना ले। एक एक गोली दिन में चार बार चूसने से हर प्रकार की सूखी या तर खांसी दूर होती हैं। पहली गोली चूसने से ही लाभ प्रतीत होता हैं। खांसी के अतिरिक्त ब्रोंकाइटिस व् गले की खराश और गला बैठना आदि रोगो में भी लाभदायक हैं।

2. काली मिर्च बहुत बारीक पीसी हुयी, चार गुना गुड मिलकर आधा आधा ग्राम की गोलिया बना ले। दिन में तीन – चार गोलिया चूसने से हर प्रकार की खांसी दूर होती हैं।

3. यदि यह भी संभव ना हो तो मुनक्का के बीज निकालकर इसमें काली मिर्च रख कर चबाये और मुख में रखकर सो जाए। पांच सात दिन में खांसी में आराम आ जायेगा।

सहायक उपचार।
1. प्रात : स्नान के समय शरीर पर पानी डालने से पूर्व कुछ सरसों के तेल की बूंदे हथेली पर रखकर एक बूँद ऊँगली से एक नथुने से और दूसरी नथुने से सूंघने से खुश्की से होने वाला सर दर्द ठीक होता हैं। इस क्रिया से ज़ोर की आवाज़ के साथ उठने वाली सूखी खांसी में आशातीत आराम मिलता हैं।

2. गुदा पर दिन में तीन – चार बार सरसों का तेल चुपड़ने से हर प्रकार की खांसी दूर होती हैं, विशेषकर छोटे बच्चो की खांसी में विशेषकर लाभ होता हैं।

तर या बलगमी खांसी, दमा खांसी।
अदरक का रस (अदरक पीसकर कपडे में रखकर निचोड़ – छान) और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर एक एक चम्मच की मात्रा से मामूली गर्म करके दिन में तीन चार बार चाटने से तीन चार दिन में ही कफ खांसी ठीक हो जाती हैं। बच्चो को सर्दी खांसी में इस मिश्रण की एक दो ऊँगली में जितना आ जाए, दिन में दो तीन बार चटाना ही प्रयाप्त हैं। दो तीन दिन में ही आराम आ जायेगा।
विशेष।
नजला जुकाम में यह प्रयोग एक अचम्भे से कम नहीं हैं। बुढ़ापे या कमज़ोरी से दमा उठता हो तो इसे ज़रा गर्म करके ले। आठ दिन पीने से दमा खांसी मिटती हैं, श्वास प्रणाली के रोगो के अतिरिक्त अंडकोष के वात (जिसमे अंडकोष फूल जाता हैं) और उदर(पेट) के रोग भी अच्छे होते हैं। अरुचि मिटकर भूख लगती हैं। गला बैठ जाने पर इसे तनिक गर्म करके दिन में दो बार पिलाने से बंद गला और जुकाम ठीक हो जाता हैं।

सर्दियों के मौसम में इसका सेवन विशेष उपयोगी हैं।
परहेज – जुकाम खांसी में दही, केला, चावल, ठन्डे और तले पदार्थ न ले।
रात को खांसी चलना।
एक बहेड़े के छिलके का टुकड़ा अथवा छीले हुए अदरक का टुकड़ा सोते समय मुख में रखकर चूसते रहने से बलगम आसानी से निकल जाता हैं। सूखी खांसी, क्रुप दमा मिटता हैं और खांसी की गुदगुदी बंद होकर नींद आ जाती हैं।

यदि ये प्रयोग ना कर पाये तो दूसरा विकल्प- 
सूखी खांसी में पान के सादे पत्ते में एक ग्राम अजवायन रखकर चबा चबाकर रस निगलने से सूखी खांसी मिटती हैं। केवल अजवायन एक दो ग्राम खाकर ऊपर से गर्म पानी पीकर सो जाने से सूखी खांसी तथा दमा और श्वांस रोग में शीघ्र लाभ होता हैं। फेफड़ो के रोगो में अजवायन का प्रयोग करने से कफ की उत्पत्ति कम होती हैं। अजवायन का सेवन कफ नष्ट करके फेफड़े मज़बूत करता हैं व् छाती के दर्द में लाभ पहुंचाता हैं।
कफ विकार।

1. बलगम आसानी से निकालने के लिए।
बहेड़ा की छाल का टुकड़ा मुख में रखकर चूसते रहने से खांसी मिटती हैं और कफ आसानी से निकल जाता हैं। खांसी की गुदगुदी बंद होकर नींद आ जाती हैं। अगर ये ना कर सकते हो तो अदरक को छीलकर मटर के बराबर उसका टुकड़ा मुख में रखकर चूसने से कफ सुगमता से निकल आता हैं।

2. बलगम साफ़ करने के लिए।
आंवला सूखा और मुलहठी को अलग अलग बारीक करके चूर्ण बना ले। और मिलाकर रख ले। इसमें से एक चम्मच चूर्ण दिन मे दो बार खाली पेट प्रात : सांय दो सप्ताह आवश्यकतानुसार ले। छाती में जमा हुआ बलगम साफ़ हो जायेगा।

विशेष – उपरोक्त चूर्ण में बराबर वजन की मिश्री का चूर्ण डालकर मिला ले। ६ ग्राम चूर्ण २५० ग्राम दूध में डालकर पिए तो गले के छालो में शीघ्र आराम होगा।

3. यदि कफ छाती पर सूख गया हो तो।  25 ग्राम अलसी (तीसी) को कुचलकर 375 ग्राम पानी में औटाये। जब पानी एक तिहाई 125 ग्राम रह जाए, तो उसे मल छानकर १२ ग्राम मिश्री मिलाकर रख ले। उसमे से एक चम्मच भर काढ़ा एक एक घंटे के अंतर से दिन में कई बार पिलाये। इससे बलगम छूट जाता हैं। जब तक छाती साफ़ न हो, इसे पिलाते रहे।


विशेष – खांसी से बिना कफ निकले ही, कोई गर्म दवा खिलाई जाती हैं तो कफ सूखकर छाती पर जम जाता हैं। सूखा हुआ कफ बड़ी कठिनाई से निकलता हैं और खांसने में कफ निकलते समय बड़ी पीड़ा होती हैं। छाती पर कफ का घर्र घर्र शब्द होता हैं। उपरोक्त नुस्खे से सूखा कफ छूट जाता हैं। सूखी और पुरानी खांसी में निश्चय ही लाभ होता हैं।


खांसी की सभी अवस्थाओ के लिए विशेष लाभदायक ‘सुहागा और मुलहठी का चूर्ण‘
सुहागे का फूला और मुलहठी को अलग अलग खरल कर या कूटपीसकर कपड़छान कर, मैदे की तरह बारीक चूर्ण बना ले। फिर इन दोनों औषिधियो को बराबर वजन मिलाकर किसी शीशी में सुरक्षित रख ले। बस श्वांस, खांसी, जुकाम की सफल दवा तैयार हैं।
सेवन विधि –
साधारण मात्र आधा ग्राम से एक ग्राम तक दवा दिन में दो तीन बार शहद के साथ चाटे या गर्म जल के साथ ले। बच्चो के लिए एक रत्ती (चुटकी भर) की मात्रा या आयु के अनुसार कुछ अधिक दे।

खांसी चाहे जैसी भी हो, अपनाने चाहिए ये घरेलू नुस्खे | home remedies for cough | Top 10 Home Remedies for Dry Cough


परहेज – दही, केला, चावल, ठन्डे पदार्थो का सेवन ना करे। 
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Wednesday, 27 July 2016

1) इलायची :
इलायची को पीसकर रूमाल पर लगाकर सूंघने से सर्दी, जुकाम और खांसी ठीक हो जाती है।
2) अदरक :
10 ग्राम अदरक को काटकर लगभग 200 मिलीलीटर
गर्म पानी में उबालकर एक चौथाई रह जाने पर छान लेते हैं। इसे खांड मिले एक कप कम गर्म दूध में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से खांसी, जुकाम और खांसी नष्ट हो जाती है।

सर्दी-जुकाम से फटाफट राहत पाने के पांच घरेलू उपाय:


3) जायफल :
जायफल पिसा हुआ एक चुटकी मात्रा में लेकर दूध में मिलाकर लेने से सर्दी का असर ठीक हो जाता है। इसे सर्दी में सेवन करने से सर्दी नहीं लगती है।
4) छोटी पीपल : 20 ग्राम छोटी पीपल और 5 ग्राम अतीस को कूटकर और छानकर लगभग आधा-आधा ग्राम की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से खांसी नष्ट हो जाती है।


5) चाय :
यदि सर्दी के कारण जुकाम,
सिरदर्द , बुखार तथा खांसी हो, आंख से पानी निकलता हो या पतला झागदार श्लेष्मा (कफ, बलगम) नाक से निकलता हो तो चाय पीना लाभदायक होता है। इससे ठंड़ दूर होकर पसीना आता है तथा सर्दी में आराम मिलता है। यदि जुकाम खुश्क हो जाए, कफ गाढ़ा, पीला बदबूदार हो और सिरदर्द हो तो चाय पीना हानिकारक होता है।
6) मेथी :
मेथी के पत्तों की सब्जी को सुबह-शाम खाने और बीजों को 1 चम्मच मात्रा में गर्म दूध के साथ सेवन करने से सर्दी-जुकाम के सारे कष्टों में आराम मिलता है।
7) कलौंजी :
कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े मे लपेटकर सूंघें। साथ ही थोड़े-थोड़े अन्तर से कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में थोड़ा-सा मिलाकर नाक में टपकाएं।
8) कपूर :
कपूर की एक टिकिया को रूमाल में लपेटकर बार-बार सूंघने से आराम मिलता है और बन्द नाक खुल जाती है।
9) गोमा (द्रोणपुष्पी) :
द्रोणपुष्पी का रस नाक में 2-2 बूंद डालने और इसका रस सूंघने से सर्दी, जुकाम और खांसी में आराम मिलता है।
10) केसर :
केसर को दूध में घोटकर 3 बार नियमित रूप से कुछ दिनों तक पीने से सर्दी, जुकाम और खांसी में लाभ होता है।
11) खजूर :
खजूर को एक गिलास दूध में अच्छी तरह उबालें। फिर खजूर को खाकर ऊपर से वही दूध पीकर मुंह ढ़क्कर सो जायें। इससें सर्दी, जुकाम व खांसी में जल्दी लाभ मिलता है।
12) पोदीना :
सर्दी-जुकाम में पुदीने के रस की 1 बूंद दिन में 3-4 बार नाक में डालने से लाभ मिलता है।
13) नींबू :
गुनगुने पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से जुकाम ठीक हो जाता हैं। एक गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से भी जुकाम में लाभ मिलता है।
पके हुए 20 नींबू को लेकर कलई वाली कड़ाही में उनका रस निकाल दें। फिर उसमें 400 ग्राम शर्करा डालकर शहद की भांति गाढ़ा बना लें। बाद में उसमें 1 ग्राम इलायची के दाने का चूर्ण डालकर बोतल में भकर मजबूत डॉट को लगाकर रख दें और प्रत्येक सप्ताह उसे छानते रहें। यह सिरका पित्त ओर खांसी को नष्ट करता है और भूख को बढ़ाता है।
14) कालीमिर्च :
आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गर्म दूध के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है।
रात को 10 कालीमिर्च चबाकर उसके ऊपर गर्म दूध पीने से जुकाम में लाभ होता है।
6 ग्राम कालीमिर्च को पीसकर 30 ग्राम गुड़ या शक्कर और 60 ग्राम दही के साथ मिलाकर सुबह-शाम 5 दिन सेवन करने से बिगड़ा हुआ जुकाम ठीक हो जाता है और फिर कभी दोबारा नहीं आता है।
कालीमिर्च और बताशे को पानी में उबालकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है और दिमाग भी हल्का होता है।
जुकाम और खांसी हो तो कालीमिर्च को पीसकर शहद मे मिलाकर चाटना लाभदायक होता है।

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