हम क्यों मनाते हैं बाल दिवस ? | Happy Children Day 2017

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Sunday, 16 July 2017

क्‍या आप हर दिन हेल्‍दी ब्रेकफास्‍ट करती हैं। अगर नहीं तो आप दिन भर की एनर्जी पाने के लिए क्‍या करती हैं, फल खाती हैं, स्‍प्राउट खाती हैं, या फिर मिल्‍क लेती हैं। हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चलता है कि महिलां अपने दिनचर्या के काम में सुबह से इतना ज्‍यादा व्‍यस्‍त हो जाती हैं कि वे सुबह का नाश्‍ता नहीं कर पाती हैं जिसके कारण उन्‍हे कमजोरी आने लगती है क्‍योंकि उनके शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में ऊर्जा का संचार नहीं हो पाता है।




Top 10 Energy Boosting Foods for Women:


सुबह के नाश्‍ते की ऊर्जा आपको सारा दिन शक्ति प्रदान करता है। ऐसे में नाश्‍ता जरूर करिए। अगर आप किसी कारणवश नाश्‍ता समय से नहीं कर पाती हैं तो ऐसे भोजन को लें जो आपके शरीर को भरपूर ऊर्जा दें। 

आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ फूड के बारे में, जो आपके शरीर को भरपूर ऊर्जा देगें:

1) कार्बोहाइड्रेट:
शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में ग्‍लूकोज की पूर्ति कार्बोहाइड्रेट ही कर पाता है। इसलिए हर दिन आलू या सफेद आटे का सेवन करें।
2) ब्राउन राइस:
सफेद चावल की अपेक्षा ब्राउन राइस का सेवन ज्‍यादा फायदेमंद होता है। इससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है।
3) आलू:
आलू से शरीर में कार्बोहाइड्रेट मिलता है। शकरकंद भी आलू का एक प्रकार होता है इसमें ऊर्जा भरपूर मात्रा में होती है। साथ ही साथ इसमें विटामिन ए और सी भी होता है।
4) शहद:
शहद में प्राकृतिक मिठास होती है जो शरीर को ऊर्जा देती है। इससे शरीर में कैलोरी की मात्रा नहीं बढ़ती है।
5) सेब:
सेब में आयरन की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही साथ इसमें फाइबर भी बहुत ज्‍यादा होता है।
6) केला:
केला में बहुत एनर्जी होती है। यह आपके शरीर को इतनी ऊर्जा दे देता है कि आप सारा दिन बिना कुछ खाएं एनर्जीलेस फील नहीं करेगें। लेकिन अगर केले का सेवन काला नमक डालकर करें तो यह और ज्‍यादा फायदा करता है।
7) पालक:
पालक में विटामिन के भरपूर मात्रा में होता है। इसके अलावा, इसमें आयरन भी काफी ज्‍यादा पाया जाता है। महिलाओं के शरीर के लिए पालक बहुत लाभकारी होती है।
8) बादाम:
बादाम में विटामिन ई बहुत ज्‍यादा होता है हर दिन पानी में भिगोकर पांच बादाम का सेवन करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है।
9) अंडा:
अंडे को उबाल कर नमक डालकर खाने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है। इसमें प्रोटीन भी काफी अधिक मात्रा में होता है। अंडे से मिलने वाली ऊर्जा प्राकृतिक होती है और इससे कोई साइडइफेक्‍ट नहीं होता है।

Saturday, 1 July 2017

पपीते से त्वचा के काले धब्बे  को कैसे करे साफ?

कच्‍चे पपीते में एंजाइम होता है, जिसे रेगुलर त्‍वचा पर लगाने से बाल की जड़ कमजोर पड़ जाती है और धीरे धीरे बाल आना बंद हो जाते हैं।
यह फल बीएचएए के जरिए त्वचा की गंदगी और तेल को भी हटाता है, जो कि मुहांसे का मुख्य कारण है।
कच्‍चा पपीता, हल्‍दी, बेसन , शहद और ऐलोवेरा


त्वचा पर काले धब्बे तथा अनचाहे बालो से मुक्ति:



इस पैक को बनाने के लिये कच्‍चे पपीते के कुछ टुकडे़ ले कर पीस लें। फिर इसमें शहद, अलोवेरा का पल्‍प, 1 चुटकी हल्‍दी और बेसन मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को लगाएं और सूखने दें। फिर इसे धीरे धीरे मसाज़ करते हुए निकालें।
इसके बाद चेहरे को हल्के गर्म पानी से धो लें।
ऐसा कुछ ३-४ दिन लगातार करते रहे ..फिर सप्ताह में एक बार करे |
मात्रा -- जितनी जगह पर लगाना हो उसके अनुसार कम ज्यादा करे ..
पपीता +शहद+एलोवेरा बराबर मात्र में , हल्दी व् बेसन आधा-आधा चम्मच

अनचाहे बालों से हमेशा के लिए छुटकारा

अनचाहे बाल आयुर्वेद, चेहरे के बाल कैसे हटाए, अनचाहे बालों से मुक्ति, फेस के बाल खत्म करना
चेहरे पर बाल आना, अपर लिप के बाल हटाने के उपाय

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chehre ke daag dhabbe hatane ke upay, daag hatane ka tarika

Wednesday, 28 June 2017

थाइरॉइड हमारे शरीर की कार्यपद्धति मे बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में होने वाली मेटाबॉलिज्म क्रियाओं में थाइरॉइड ग्रंथि से निकलने वाले थाइरॉक्सिन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेटाबालिज्म क्रियाओं से ये निर्धारित होता है कि शरीर में बनी ऊर्जा को कब स्टोर किया जाए और कब व कितना यूज किया जाए। इसीलिए शरीर में उपस्थित थाइरॉइड ग्लैंड में किसी भी तरह की अनियमितता होने पर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इस ग्र्रंथि में अनियमितता होने पर सामान्यत: हाइपोथाइरॉइडिज्म, इपरथाइरॉइडिज्म, गठान होन या कैंसर होने जैसी समस्याएं होती है। अगर आपके साथ भी थाइरॉइड की ग्रंथि की अनियमितता से जुड़ी कोई समस्या हो तो नीचे लिखे प्राकृतिक उपायों को अपनाएं।



थाइरॉइड में अनियमितता के लक्षण-
हार्मोनल बदलाव- महिलाओं को पीरियड्स के दौरान थाइरॉइड की स्थिति में पेट में दर्द अधिक रहता है वहीं हाइपरथाइरॉइड में अनियमित पीरियड्स रहते हैं। थाइरॉइड की स्थिति में गर्भ धारण करने में भी दिक्कत हो सकती है।



मोटापा- हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में अक्सर तेजी से वजन बढ़ता है। इतना ही नहीं शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ जाता है। वहीं हाइपरथाइरॉइड में कॉलेस्ट्रॉल बहुत कम हो जाता है।

थकान, अवसाद या घबराहट- अगर बिना अधिक मेहनत करने के बाद भी आप थकान महसूस करते हैं या छोटी-छोटी बातों पर घबराहट होती है तो इसकी वजह थाइरॉइड हो सकती है।

मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- हाइपोथाइरॉडड यानी शरीर में टीएसएच अधिक और टी3,टी4 कम होने पर मांसपेशियों में जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है।

गर्दन में सूजन- थाइरॉइड बढऩे पर गर्दन में सूजन की संभावना बढ़ जाती है। गर्दन में सूजन या भारीपन का एहसास हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

बालों और त्वचा की समस्या- खासतौर पर हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में त्वचा में रूखापन, बालों का झडऩा, भौंहों के बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होती हैं जबकि हाइपरथाइरॉइड में बालों का तेजी से झडऩा और संवेदनशील त्वचा जैले लक्षण दिखते हैं।

पेट खराब होना- लंबे समय तक कान्सटिपेशन की समस्या हाइपोथाइरॉइड में होती है जबकि हाइपरथाइरॉइड में डायरिया की दिक्कत बार-बार होती है।

अश्वगंधा- अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रू प में कार्य करता है। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर नियंत्रण होता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।

समुद्री घास- समुद्री घास को भी थाइरॉइड ग्रंथि को नियमित बनाने केेे लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती है। समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन मिलता है। इसीलिए समुद्री घास का सेेवन इस बीमारी मेें लाभदायक है। इसकेेे अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडें्स स्किन को जवान बनाएं रखते हैं।

नींबूं की पत्तियां- नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को नियमित करता हैं। दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है। इसकी पत्तियों की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि का काम करती है।

ग्रीन ओट्स- थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह कार्य करता है। ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता व उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाता है।

Fast Weight Loss Tips in Hindi:

हम लोग अक्सर अपनी निकलती हुई तोंद से परेशान रहते हैं और उसे कम करने के लिए कई तरह के जतन करते हैं। लेकिन अब आपको बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप इस आसान से बनने वाले जूस का सोने से पहले सेवन करके कर सकते हैं तोंद को गुड-बाय। चाहे मोटी से मोटी तोंद ही क्यों ना हो सिर्फ 1 ग्लास रात को पीने से वो हो जायेगी फुटबॉल से गेंद। 


मोटी से मोटी तोंद को भी होना पड़ेगा फुटबॉल से गेंद, सिर्फ 1 ग्लास रात को पिए:

सोने से पहले खीरे के जूस का सेवन करें। खीरे का जूस पेट को साफ करता है। इसके साथ ही यह फैट भी नहीं बढ़ाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और और आपकी निकलती हुई तोंद को कंट्रोल करने में काफी लाभदायक होता है।



खीरे के जूस की सामग्री :

– दो खीरे
– दो छोटे चम्मच नींबू का रस  
– अदरक का एक छोटा टुकड़ा  
– दो छोटे चम्मच चीनी  
– एक छोटा चम्मच- भुना जीरा पाउडर 
– तीन से चार पुदीना पत्ती 
– काला व सफेद नमक स्वादानुसार 
खीरे का जूस बनाने की विधि :

खीरे को धोलें और छोटा छोटा काट कर छिलके सहित जूसर में डालें। अदरक और पुदीना भी जूसर में डाल दें और जूस निकाल लें। इसमें चीनी, नींबू का रस, भुना जीरा पाउडर, काला व सफेद नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह हिलाएं। फिर 1 ग्लास झट से गटक (पीना) जाए और इसका कमाल देखे, देखते ही देखते तोंद हो जायेगी फिट एंड फाइन।

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Tuesday, 27 June 2017

 रोज सवेरे एक गिलास ताजे टमाटर का जूस तैयार करें, दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें और सिर्फ़ एक महिने के अंदर चेहरे की रंगत देखिए, आईना शरमा जाएगा |


Tomato benefits for skin whitening:

● जानकार इसे वजन कम करने का एक अच्छा उपाय मानते है जबकि गुजरात के आदिवासी इसे यकृत और फ़ेफ़डों के लिए बेहतर टोनिक मानते है..
 आजमाईये जरूर |




Sunday, 2 April 2017

गर्मियों में शरीर से निकलने वाले पसीने से आने वाली बदबू किसी को भी शर्मिंदा कर सकती है। ऐसे में इनसे छुटकारा पाना और भी जरुरी हो जाता है। इसीलिए आज हम आपको गर्मियों में आने वाली पसीने की बदबू के कारण और घरेलू उपाय बताने जा रहे है।


ये प्राकृतिक उपाय आपकी इस समस्या को दूर करने में मदद करेंगे।


गर्मियों के मौसम में होने वाली परेशानियां लगभग हर किसी को एक समान परेशान करती है। जहाँ एक तरफ दिन में चलने वाली गर्म लू त्वचा से नमी सोखकर उसे रुखा बना देती है वहीं दूसरी तरफ इस समय निकलने वाले पसीने से आने वाली बदबू से हर व्यक्ति परेशान रहता है। पसीना आना बुरी बात नहीं है, ये होना बेहद जरुरी है लेकिन पसीने से बदबू भी आये, ये जरुरी नहीं। बहुत से लोगों के साथ ये परेशानी एक श्राप की तरह चिपकी रहती है।



वे चाहे कितने ही deo लगा लें लेकिन पसीना आने के बाद उनके शरीर से बहुत बदबू आती है। जो किसी के लिए भी असहनीय हो सकती है। सामान्य तौर पर तो लोग इसे मैनेज कर भी लें लेकिन जब बात ऑफिस की लॉफ्ट और भीड़ भाड़ वाली जगहों की आती है तो ये आपके लिए शर्मसार भी हो सकती है। ऐसे में आपको चाहिए की इससे निजात पाने के लिए कुछ करें।

इसीलिए आज हम आपको गर्मियों में आने वाली पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय बताने जा रहे है। जिनकी मदद से आप अपनी इस समस्या से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकेंगे। और इनके लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये सभी आपके घर में मौजूद उत्पादों को मिलाकर ही बने है। तो आइए जानते है पसीने की बदबू को दूर करने के घरेलू उपाय। लेकिन किसी भी समस्या से पहले उसके कारणों के बारे में जानना चाहिए। ताकि आप इस समस्या को बढ़ने से रोक सके। इसीलिए हम पहले पसीने से आने वाली बदबू के कारण बताने जा रहे है।

पसीने की बदबू के कारण :-

शरीर से आने वाली पसीने की बदबू का कारण उसमे मौजूद बैक्टीरिया होते है। वास्तव में पसीने से आने वाली बदबू बैक्टीरिया के अवशिष्ट पदार्थों की होती है। इसके अलावा भी कुछ कारण है जिनकी वजह से गर्मियों में पसीने की बदबू आती है। वे कारण निम्नलिखित है-

  • साफ़-सफाई का ध्यान न रखना बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण होता है।
  • तेज मिर्ची वाले खाद्य पदार्थ भी पसीने की बदबू का कारण होते है।
  • बहुत अधिक पसीना आने से भी बैक्टीरिया पनपने लगते है।
  • कैफीन युक्त ड्रिंक का सेवन भी पसीना आने का कारण होता है।
  • धुम्रपान, अल्कोहल आदि का सेवन करने से शरीर तरल पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में विसर्जन करता है।
  • गर्मियों में पसीना न सोखने वाले कपडे भी इन बैक्टीरिया के पनपने का कारण होते है।
  • मधुमेह

थाइरोइड की समस्या इसके अतिरिक्त कुछ दवाएं भी पसीने की बदबू का कारण होती है।
गर्मियों में पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के उपाय :-
1. मसालों से रहें दूर :
अगर आपके पसीने से भी बदबू आती है तो हो सकता है की इसका कारण आपके मसलें हो। क्योंकि अगर आप अपने खाने में गर्म मसालें जैसे- मिर्ची, लहसुन, आचार आदि को सम्मिलित करते है तो हो सकता है की ये आपके शरीर में बदबू वाले बैक्टीरिया के निर्माण में योगदान दें। इसलिए इन गर्म मसालों से थोडा दूर ही रहे। इससे आपकी समस्या अपने आप ही हल हो जाएगी।

2. बेकिंग सोडा :

जी हां, बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करके भी आप पसीने की बदबू से छुटकारा पा सकते है। ये बॉडी में पसीने को कम करके कई घंटो तक उस बदबू को दूर रखने में मदद करेगा।

इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा को ताजे नींबू के रस में मिलाकर नहाने के बाद underarms में लगा लें। आप चाहे तो सीधे बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते है। ये शरीर से अतिरिक्त पसीने को सोखकर छिद्रों को साफ़ करके बंद कर देता है और बदबू फ़ैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है। इसके अलावा आप चाहे तो इसे कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते है।

3. सफ़ेद सिरका :

पसीने की बदबू के लिए सफ़ेद सिरका, एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल एजेंट और astringent एजेंट के रूप में कार्य करता है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 50-60 ml सफ़ेद सिरके को मिलाकर प्रयोग करें। आप चाहे तो रुई की मदद से सीधे सिरके को भी लगा सकते है। ये त्वचा में मौजूद बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है और नये बैक्टीरिया के निर्माण को भी रोकता है। आप चाहे तो इसकी जगह सेब के सिरके का भी इस्तेमाल कर सकते है।

4. पानी :

अधिक से अधिक पानी का सेवन शरीर से toxins को निकालने में मदद करता है। इसीलिए रोजाना 8-10 ग्लास पानी का सेवन करें। ये आपको स्वस्थ रखने के अलावा शरीर को detoxify करके बदबू फैलाने वाले केमिकल के निर्माण को कम करता है।

5. सामान्य नमक :

नमक में disinfectant गुण पाए जाते है जिसके बारे में हममें से बहुत से लोग नहीं जानते। पैरों में पसीने की बदबू हटाने के लिए, 8-10 मिनट के लिए गर्म नमक वाले पानी में अपने पैर डुबोएं रखें। नमक और गर्म पानी दोनों मिलकर पैरों में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है। पैरों में पसीने की बदबू पुरे दिन पहने जाने वाले जूते और जुराबों के कारण आती है। जो बैक्टीरिया के लिए घर का काम करते है।

6. धुम्रपान छोड़ें :

जी हां, स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालने के साथ-साथ धुम्रपान करना आपके शरीर से आने वाली पसीने की बदबू का भी कारण हो सकता है। इतना ही नहीं धुम्रपान करने वाले व्यक्ति के पास में बैठना भी आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इसीलिए, अगर आप धुम्रपान करते है तो तुरंत अपनी इस आदत को बदलें। और इस बदबू से राहत पायें।

7. एसेंशियल आयल :

पाइन, lavender और peppermint आयल बहुत जल्द सूखने वाले एंटी बैक्टीरियल एजेंट है। बहुत से लोग बिना किसी कारण के भी इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पूर्व एक पैच टेस्ट जरुर कर लें। अगर किसी तरह की एलर्जी नहीं है तो इसका इस्तेमाल पसीने की बदबू को दूर करने के लिए करें। बदबू दूर करने के साथ-साथ ये आपको एक बेहतर खुशबु देने में भी मदद करेगा।

8. अनचाहे बाल :

अपने underarm और प्यूबिक हेयर की नियमित शेविंग और वैक्सिंग भी पसीने और शरीर की बदबू से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकती है। शरीर पर मौजूद बाल पसीने के लिए जगह बढ़ा जाता है जिससे वो बहुत जल्दी उड़ जाता है। लेकिन ये एक लम्बे समय के लिए पसीने की बदबू का भी निर्माण करता है। इसीलिए अगर आप भी शरीर की बदबू से परेशान है तो नियमित रूप से शेविंग या वैक्सिंग करें।

9. टी ट्री आयल :

पसीने की बदबू से राहत पाने का ये सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण sweat prone क्षेत्रों में बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को रोकते है। अगर आपके शरीर से भी पसीने की बदबू आती है तो टी ट्री आयल का इस्तेमाल करें। फायदेमंद होने के साथ-साथ ये एक सुरक्षित घरेलू उपाय है।

10. मक्का :

कॉर्न स्टार्च, एक बेहतर मॉइस्चराइज absorber है जो धुप में आपके पसीने को सोखने में मदद करता है। इसके लिए दिन में किसी भी समय इसे अपनी त्वचा पर लगा लें। आप चाहे तो इसके साथ बेकिंग सोडा मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते है।

11. कैफीन युक्त पदार्थ :

कैफीन युक्त पदार्थ जैसे कॉफ़ी, चाय और कोला आदि भी पसीने का कारण बनते है। इनके कारण शरीर से पानी की बहुत अधिक मात्रा निकलती है। आपने भी देखा होगा जब आप कैफीन का सेवन करते है तो आपको बहुत यूरिन और पसीना आता है। इसीलिए दिन भर में केवल 2 कैप कैफीन का ही सेवन और अपने पसीने को कम करें।

12. पार्सले :

ये प्राकृतिक हर्ब भी पसीने की बदबू को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। शरीर से अतिरिक्त पसीना और उसकी बदबू दूर करने के लिए रोजाना पार्सले की कुछ पत्तियां या उसकी चाय का सेवन करें। इस चाय को आप आप ग्रीन टी और पार्सले के साथ मिलाकर भी बना सकते है। ये न केवल आपके शरीर को रिफ्रेश करता है बल्कि detoxify भी करता है।

13. नींबू :

स्वाद में खट्टा, रेफ्रेशिंग और चटपटे नींबू की मदद से भी आप पसीने की बदबू से राहत पा सकते है। दरअसल इसमें प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल और exfoliating गुण पाए जाते है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 2 चम्मच नींबू का रस डालें। ये बैक्टीरिया को समाप्त करने के साथ-साथ sweat prone क्षेत्रों से डेड स्किन सेल्स को निकालने में भी मदद करेगा जो बाद में बदबू का कारण बनता है। आप चाहे तो सीधे नींबू को भी अपनी त्वचा पर लगा सकते है जब तक आपने शेव या वैक्स न किया हो। इसके लिए आप रात में शेविंग करके अगली सुबह नींबू का प्रयोग कर सकते है।

Tuesday, 22 November 2016

भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई बिमारियों से ग्रस्त हो गये हैं उनमें से एक बवासीर भी है आप इसे बवासीर या हैमरॉइड या तो पाइल्स के नाम से जानते हैं। यह कई प्रकार की होती है जैसे
आइये इसे अच्छे से जानते हैं:


मलद्वार के अंत में जो शिरायें हैं उनमें सूजन आने के कारण या बढ़ जाने को ही बवासीर कहते हैं। यह बवासीर को देखा जाये तो सेफेद रंग की मूली के जड़ के जैसी फेली हुई होती है। जो की मांस पेशी में अच्छी पकड़ के साथ होती है जिससे मल को त्यागने में बड़ी कठिनाई होती है कोई भी शीरा टाईट होकर किसी जगह से हटता है तो बहुत दर्द होता है और खून मल के साथ बाहर आने लगता है, कभी थेड़ा आता है और कभी ज्यादा आता है, आपको पता नहीं चलेगा और खनू गिरता रहेगा



ये बवासीर है यह कभी अपने आप ठिक होजाती है कभी ज्यादा बढ़ जाती है। कभी आप ऑपरेशन करवाते हैं तो कभी कबार कुछ हिस्सा अंदर छूट जाता है और वह फिर से बवासीर का रूप लेलेता है।

चंदा हैल्थ आपके लिये लाया है बवासीर का घरेलू और आसान इलाज जो कुछ ही समय में आपकी किसी भी प्रकार की बवासीर को तुरंत ठिक कर देगा चोहे वो खूनी बवासीर हो या बादी बवासीर पान का पत्ता - हां दोस्तों पान का पत्ता ही ऐक ऐसी दवा है जो कि बवासीर को बड़ी की आसानी से ठीक करने की छमता रखता है।

आईये जानते हैं कैसे इस्तेमाल करना है:

4 या 5 पान का पत्ता कम पड़े तो कुछ और, इन सबको सील पर पीसें बीना पानी के जब यह पीस जाये तो इसे इकट्ठा करके लोई के जैसी बना लें और इसे अपने मलद्वार पर लगायें, 

आप इसे दबाकर रखें इसके रस से आपको फायदा पहुंचेगा, आप इसे लगाकर लंगोट पहनलें या टाईट कच्छा जिससे ये गिरे ना, इसे लगाने के बाद आपको मल द्वार पर चुनचुनाहट सी महसूस होगी आप घबरायें नहीं यह काम कर रहा है 

आप इसका प्रयोग 4 से 5 दिन करें आपकी बवासीर खत्म आपको पहले दूसरे दिन में ही काफी आराम मालूम पड़ जायेगा। दोस्तों यह उपाय किसी दूसरे जरूरत मंद को बतायें जिससे उस का फायदा होगा। कहीं वह महंगी फीस के चलते बवासीर का इलाज ना करा पा रहा हो और इस तकलीफ से जूझ रहा हो तो उसके बहुत काम आयेगी और आपका एहसान मानेगा।
जिन पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं के बनने का सिलसिला कम हो जाए अथवा वीर्य पतला होने की शिकायत हो, उन्हें इस फार्मूले को आजमाकर देखना चाहिए। सन 2005 में बीएमसी कोम्प्लीमेंट्री अल्टरनेटीव  मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध के परिणामों पर भी नज़र डाली जाए तो जानकारी मिलती है कि नटमेग यानी जायफल क्लिनिकल तौर पर सेक्सुअल एक्टिविटी को सकारात्मक तौर से बढ़ाता है।

जायफल थकान और तनाव दूर करने के लिए भी जाना जाता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है जिससे बच्चे स्कूल में अधिक एकाग्र हो कर पढ़ाई कर सकते हैं।



जायफल का 2 ग्राम चूर्ण + 2 ग्राम मिश्री मिला रोजाना सुबह शाम फ़ांकी मारने से शरीर पुष्ट बनता है ! जिन पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं के बनने का सिलसिला कम हो जाए अथवा वीर्य पतला होने की शिकायत हो - उन्हें फार्मूले को आजमाकर देखना चाहिए जायफल सेक्सुअल एक्टिविटी को सकारात्मक तौर से बढ़ाता है !

सेक्स में अरुचि जायफल आजमाएं:

दर्द निवारक : जायफल दर्द की पीड़ा को शांत करने में अग्रणी है। प्राचीन चीनी औषधियों में जायफल शीर्ष पर रहता आया है। जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द ऑर्थ्रराइटिस के दर्द के छुटकारा पाने के लिए आज भी जायफल के तेल को उम्दा माना जाता है।

अपच की पीड़ा : जायफल अपच दूर करने के लिए हमारे देश में सदियों से इस्तेमाल किया जाता है। डायरिया, कब्ज, उबकाई आने की समस्या का निवारण जायफल से किया जाता है। अपानवायु के निस्तारण के लिए भी जायफल का प्रयोग होता है। मुंह की बदबू : मुंह की बदबू को जायफल के पावडर के प्रयोग से दूर किया जा सकता है। जायफल में एंटिबैक्टेरियल प्रॉपर्टी होती है जिससे मुंह में मौजूद कीटाणुओं का सफाया हो जाता है। यही वजह है कि जायफल कई ब्रांड के टूथपेस्टों में जम कर इस्तेमाल किया जाता है।

लीवर और किडनी शुद्ध होगी जायफल से : शरीर से विषैले पदार्थ हटते ही मरीज फिर पटरी पर लौट आता है। कई तरह के विषैले पदार्थ भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। दूषित जलवायु, तनाव, तंबाकू सेवन, शराबखोरी से भी जटिल विषैले पदार्थ शरीर में रह जाते हैं। इससे छुटकारा पाने में मदद करता है जायफल। इससे लीवर और किडनी दोनों की शुद्धि होती है। लीवर के रोगियों के लिए जायफल एक औषधि के तौर पर प्रयोग की जाती है। किडनी स्टोन्स से भी जायफल छुटकारा दिला सकता है।

कई बार त्वचा पर कुछ चोट के निशान रह जाते हैं तो कई बार त्वचा पर नील और इसी तरह के घाव पड़ जाते हैं। जायफल में सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें। जहां भी आपकी त्वचा पर पुराने निशान हैं रोजाना मालिश से कुछ ही समय में वे हल्के होने लगेंगे। जायफल से मालिश से रक्त का संचार भी होगा और शरीर में चुस्ती-फुर्ती भी बनी रहेगी।

जायफल का 2 ग्राम चूर्ण + 2 ग्राम मिश्री मिला रोजाना सुबह शाम फ़ांकी मारने से शरीर पुष्ट बनता है जायफल के लेप के बजाय जायफल के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

दांत में दर्द होने पर जायफल का तेल रुई पर लगाकर दर्द वाले दांत या दाढ़ पर रखें, दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा। अगर दांत में कीड़े लगे हैं तो वे भी मर जाएंगे।

पेट में दर्द हो तो जायफल के तेल की 2-3 बूंदें एक बताशे में टपकाएं और खा लें। जल्द ही आराम आ जाएगा।
जायफल को पानी में पकाकर उस पानी से गरारे करें। मुंह के छाले ठीक होंगे, गले की सूजन भी जाती रहेगी।
जायफल को कच्चे दूध में घिसकर चेहरें पर सुबह और रात में लगाएं। मुंहासे ठीक हो जाएंगे और चेहरे निखारेगा।

एक चुटकी जायफल पाउडर दूध में मिला कर लेने से सर्दी का असर ठीक हो जाता है। इसे सर्दी में प्रयोग करने से सर्दी नहीं लगती।

सरसों का तेल और जायफल का तेल 4:1 की मात्रा में मिलाकर रख लें। इस तेल से दिन में 2-3 बार शरीर की मालिश करें। जोड़ों का दर्द, सूजन, मोच आदि में राहत मिलेगी। इसकी मालिश से शरीर में गर्मी आती है, चुस्ती फुर्ती आती है और पसीने के रूप में विकार निकल जाता है।

प्रसव के बाद अगर कमर दर्द नहीं ख़त्म हो रहा है तो जायफल पानी में घिसकर कमर पे सुबह शाम लगाएं, एक सप्ताह में ही दर्द गायब हो जाएगा।
  1. फटी एडियों के लिए इसे महीन पीसकर बीवाइयों में भर दीजिये। 12-15 दिन में ही पैर भर जायेंगे।
  2. जायफल के चूर्ण को शहद के साथ खाने से ह्रदय मज़बूत होता है। पेट भी ठीक रहता है।
  3. अगर कान के पीछे कुछ ऎसी गांठ बन गयी हो जो छूने पर दर्द करती हो तो जायफल को पीस कर वहां लेप कीजिए जब तक गाठ ख़त्म न हो जाए, करते रहिये।
  4. अगर हैजे के रोगी को बार-बार प्यास लग रही है, तो जायफल को पानी में घिसकर उसे पिला दीजिये।
  5. जी मिचलाने की बीमारी भी जायफल को थोड़ा सा घिस कर पानी में मिला कर पीने से नष्ट हो जाती है।
  6. इसे थोडा सा घिसकर काजल की तरह आँख में लगाने से आँखों की ज्योति बढ़ जाती है और आँख की खुजली और धुंधलापन ख़त्म हो जाता है।
यह शक्ति भी बढाता है।
जायफल आवाज में सम्मोहन भी पैदा करता है।
जायफल और काली मिर्च और लाल चन्दन को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ती है, मुहांसे ख़त्म होते हैं।
किसी को अगर बार-बार पेशाब जाना पड़ता है तो उसे जायफल और सफ़ेद मूसली 2-2 ग्राम की मात्र में मिलाकर पानी से निगलवा दीजिये, दिन में एक बार, खाली पेट, 10 दिन लगातार।

बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाए तो जायफल का चूर्ण और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लीजिये फिर 3 चुटकी इस मिश्रण को गाय के घी में मिलाकर बच्चे को सुबह शाम चटायें।

चेहरे पर या फिर त्वचा पर पड़ी झाईयों को हटाने के लिए आपको जायफल को पानी के साथ पत्थर पर घिसना चाहिए। घिसने के बाद इसका लेप बना लें और इस लेप का झाईयों की जगह पर इस्तेमाल करें, इससे आपकी त्वचा में निखार भी आएगा और झाईयों से भी निजात मिलेगी।

चेहरे की झुर्रियां मिटाने के लिए आप जायफल को पीस कर उसका लेप बनाकर झुर्रियों पर एक महीने तक लगाएंगे तो आपको जल्द ही झुर्रियों से निजात मिलेगी।

Monday, 21 November 2016

शक्ति कमजोरी से पीडित रोगियो को शुरू में 5-5 घंटे के अंतराल से विशेष रूप से ताजा फलो का आधार लेना चाहिए उसके बाद वह पुन: अपनी नियमित खुराक धीरे-धीरे प्रारंभ कर सकते है। रोगी को धूम्रपान , शराब चाय तथा कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, और विशेष रूप से सफेद चीनी तथा मैदे या उनसे बने उत्पादो का परहेज करना चाहिए।

30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन करे। ध्यान रखिए की प्रत्येक बार ताजा मिश्रण तैयार करे। धीरे धीरे 30 ग्राम किशमिश की मात्रा को 50 ग्राम तक करें।


15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

शारीरिक कमजोरी दूर करने के उपाय:



केला : दिन में खाना-खाने के बाद 2 या 3 पके केले रोजाना नियमित रूप से खाने से शरीर में शक्ति, मांस और चर्बी बढ़ती है। इसका प्रयोग लगातार 2 महीने तक करने से शरीर सुंदर बन जाता है।

आंवला : लगभग 10 ग्राम की मात्रा में हरे आंवला को लगभग इतनी ही मात्रा में शहद में मिलाकर खाने से मनुष्य के वीर्य-बल में वृद्धि होती है। आंवलों के मौसम में इसका सेवन रोजाना सुबह के समय लगभग 1 से 2 महीने तक करना चाहिए।

बराबर मात्रा में आंवले का चूर्ण, गिलोय का रस, सफेद मूसली का चूर्ण, गोखरू का चूर्ण, तालमखाना का चूर्ण, अश्वगंध का चूर्ण, शतावरी का चूर्ण, कौंच के बीजों का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण लेकर इनका मिश्रण बना

लें। अब इस मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम को लगभग 10 से 15 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से हल्का गर्म दूध पीने से मनुष्य के संभोग करने की शक्ति का विकास होता है। इसको लगातार 3 या 4

महीने तक फायदा होने तक खाना चाहिए।

किशमिश : सुबह के समय लगभग 25 से 30 किशमिश लेकर इनको गर्म पानी से धोकर साफ कर लें और कच्चे दूध में डाल दें। आधा या एक घंटे बाद उस दूध को गर्म करें। इसके बाद किशमिश को एक-एक

करके खा लें और ऊपर से उसी दूध को पी लें। ऐसा करने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक ठंड़ का अनुभव, पुरानी बीमारी, अधिक कमजोरी, जिगर की खराबी और बदहजमी दूर हो

जाती है।

अंगूर : लगभग 25 मिलीलीटर की मात्रा में अंगूर का रस भोजन करने के आधे घंटे बाद पीने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा इसका रस पीने से पेट फूलना, अफारा, दिल का दौरा पड़ना, चक्कर आना,

सिरदर्द और भोजन न पचना आदि बीमारियां दूर हो जाती है। इसका सेवन लगभग 2 या 3 हफ्ते तक लगातार करना चाहिए। इसके अलावा इसका सेवन महिलाओं के लिए भी लाभकारी होता है। कमजोर बच्चों को

भोजन के बाद अंगूर का रस पिलाना काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अंगूर का रस बच्चों के चेहरे को लाल कर देता है।

पालक : शरीर में कमजोरी आने पर या खून की कमी होने पर लगभग 225 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना पालक का रस पीना चाहिए। इससे चेहरा एक दम गुलाब की तरह लाल हो जाता है। इसके अलावा इसका

रस पीने से मानसिक तनाव और हाई ब्लडप्रेशर भी सामान्य रहता है।

टमाटर : टमाटर का रोजाना सेवन करने से खून शुद्ध रहता है, और खून में वृद्धि होती है। टमाटर खाने से आंखों के रोग, जिगर में किसी तरह की खराबी आने के कारण होने वाली सुस्ती, आंतों के कीड़ें और आमाशय

की कमजोरी दूर होती है। टमाटर पाचन क्रिया को बढ़ाता है। पथरी वाले व्यक्ति को टमाटर नहीं खाना चाहिए।

सौंफ : सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह-शाम भोजन के बाद दो चम्मच लेने से दिमाग तेज होता है। इसका सेवन लगातार एक या दो महीने तक करना चाहिए।
मालकांगनी :मालकांगनी के बीज, बच, देवदारू और अतीस आदि का मिश्रण बना लें। रोज सुबह-शाम इस मिश्रण को 1 चम्मच घी के साथ पीने से दिमाग तेज और फुर्तीला बनता है।
मालकांगनी के तेल की 5-10 बूंदे मक्खन के साथ सेवन करने से भी शरीर को लाभ मिलता है।

धनिया :शक्ति को ऊर्जा भी कहते हैं। यह ऊर्जा मनुष्य को भोजन से मिलती है। परन्तु धनिया इस ऊर्जा को और बढ़ा देता है। इसके लिए आपको खाना खाने के बाद दस दाने धनिया के मुंह में डालने होंगे। इन दानों

को दाढ़ों से कुचलकर इसका रस कंठ (गले) के नीचे उतार लीजिए और दानों को थूक देते हैं। ठीक आधा घंटे बाद आप देखेंगे कि आपके शरीर में गर्मी बढ़ गई। यह गर्मी पसीना लाने वाली गर्मी नहीं होती बल्कि यह

पाचनक्रिया को सही करने वाली गर्मी होती है क्योंकि जब पाचन क्रिया में वृद्धि होगी तब भोजन समय से तथा ठीक प्रकार से पच जाएगा। इसके बाद रक्त में जो ऊर्जा पैदा होती है वह पूरे शरीर में फुर्तीलापन लाती

है।लगभग 3 ग्राम की मात्रा में साबुत सूखे धनिये को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को ठंड़े पानी और मिश्री के साथ मिलाकर गर्मी के दिनों में पीने से पित्त के कारण होने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता है।

200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

एक ग्राम जायफल का चूर्ण प्रातः ताजे जल के साथ सेवन करने से कुछ दिनों में ही यौन दुर्बलता दूर होती है।
दो ग्राम दालचीनी का चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से वीर्य बढ़ता है और यौन दुर्बलता दूर होती है।
शीतकाल में सुबह दो-तीन खजूर को घी में भूनकर नियमित खाएं, ऊपर से इलायची- शक्कर डालकर उबला हुआ दूध पीजिए। यह उत्तम यौन शक्तिवर्धक है

5 मिलीलीटर से 10 मिलीलीटर के आसपास पुराने सेमल की जड़ का रस निकालकर व इसका काढ़ा बना लें तथा इसके अंदर चीनी मिला लें। इस मिश्रण को 7 दिनों तक पीने से वीर्य की बहुत ही अधिक बढ़ोत्तरी होती है। 6 ग्राम विदारीकन्द के चूर्ण में चीनी व घी मिला लें। इस चूर्ण को खाने के बाद इसके ऊपर से दूध पीने से वृद्ध पुरुष की भी संभोग करने की क्षमता कुछ ही दिन में वापस लौट आती है।

तालमखाने तथा शुद्ध कौंच के बीज के चूर्ण को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर इसके अंदर दुगुनी मिश्री मिलाकर इसका चूर्ण बनाकर रख लें। रोजाना के समय में 2 चम्मच चूर्ण (लगभग 10 ग्राम के आसपास) को ताजे दूध के साथ मिलाकर खाने से सेक्स क्रिया करने की शक्ति सें आई कमजोरी भी नष्ट हो जाती है।

तालमखाने के बीज, गोखरू, शुद्ध कौंच के बीज, शतावरी, कंघी का जड़ तथा नागबला- इन सबको बराबर-बराबर की मात्रा में ले लें। इनको लेकर कूट-पीसकर इनका चूर्ण बनाकर रख लें। रात के समय में इस चूर्ण की 6 ग्राम की मात्रा को दूध के साथ प्रयोग करें। इस चूर्ण का सेवन करने से पुरुष कमजोरी दूर हो जाती है तथा व्यक्ति संभोग करने में काफी निपुण हो जाता है।

6 ग्राम गोखरू का चूर्ण और काले तिल 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर इसे 250 मिलीलीटर बकरी के दूध में उबालकर तथा उसे ठंडा करके शहद को मिलाकर खाना चाहिए। इसका सेवन करने से हैंडप्रैक्टिस से क्रिया में आई कमजोरी भी समाप्त हो जाती है।

100ग्राम इमली के बीजों को लेकर उन बीजों को पानी में भिगोकर 4-5 दिनों के लिए रख दें तथा पाचवें दिन उन बीजों का छिलका उतारकर उनका वजन करके देखें। उनका वजन करने के बाद उनके वजन से दुगुना पुराने गुड़ (देशी ) को लेकर उन बीजों में मिलाकर रख दें। इसके बाद इन्हें बारीक पीसकर अच्छी तरह से घोट लें तत्पश्चात इस मिश्रण की चने के बराबर बारीक-बारीक गोलियां बना लें। 

सेक्स क्रिया शुरू करने  के 1 से 2 घंटे पहले दो गोलियों को खा लें। इसका सेवन करने से सेक्स शक्ति में अजीब की शक्ति आ जाती है। कई लोगो पे आजमाया गया नुस्खा है काफी लोगो की से छमता में वृधि हुई है और सार्थक परिणाम की प्राप्ति हुई है - ठण्ड के मौसम में कभी-कभी बीजो को फूलने में जादा समय लग सकता है

500 ग्राम विधारा और 500 ग्राम नागौरी असगंध- इन दोनों को ले लें। फिर इसे अच्छी तरह से कूट-पीसकर तथा इसे छानकर रख लें। सुबह के समय रोजाना इस चूर्ण को 2 चम्मच खा लें। उसके बाद ऊपर से मिश्री मिला हुआ गर्म-गर्म दूध को पी लें। इस चूर्ण का इस्तेमाल करने से बुजुर्ग व्यक्ति भी जवानों के समान संभोग करने में निपुण हो जाता है।

संतरा : 1 गिलास संतरे का रस रोजाना दो बार कुछ सप्ताह तक पीते रहने से शरीर में ताकत आ जाती है। जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं कमजोर होते है, उनके लिए संतरे का रस बहुत लाभदायक होता है।

सफेद पेठा : भोजन करने के बाद पेठे की मिठाई खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। पित्त विकार में 2-2 पेठे के टुकड़े रोजाना खाने से लाभ होता है।

पुनर्नवा : पुनर्नवा को दूध के साथ खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है।

फालसा : पके फालसे का सेवन करने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। यह हृदय रोग और रक्तपित्त या खूनी पित्त में भी काफी हितकारी होता है।

पपीता : बच्चों को रोजाना पपीता खिलाने से उनकी लम्बाई बढ़ती है और शरीर मजबूत तथा सेहत सही बनी रहती है।

अर्जुन :
अर्जुन बलकारक है तथा अपने लवण-खनिजों के कारण हृदय की मांसपेशियों को सशक्त बनाता है। दूध तथा गुड़, चीनी आदि के साथ जो अर्जुन की छाल का पाउडर नियमित रूप से लेता है, उसे हृदय रोग, जीर्ण ज्वर, रक्त-पित्त कभी नहीं सताते और वह चिरजीवी होता है।

Thursday, 17 November 2016

 Foods to Increase Breast Milk:

अगर आप अपने बच्‍चे को पर्याप्‍त दूध नहीं पिला पाती हैं तो यह वाकही में आपके लिये बहुत बडी़ चिंता का विषय है। ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे, तनाव, डीहाइड्रेशन, अनिद्रां आदि। लेकिन ऐसी कइ प्रभावशाली विधियां हैं 



जिससे आप ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढा सकती हैं। आपको केवल अच्‍छे प्रकार का आहार खाना होगा जो कि बच्‍चे पर कोई बुरा प्रभाव ना डाले। इन्‍हें अपने रोजाना के खाने में प्रयोग करें और ब्रेस्‍ट मिल्‍क की सपलाई को बढाएं। 

ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाले 10 प्राकृतिक उपाय:


खाएं यह आहार- 
1. मेथी- इसमें आयरन, विटामिन, कैल्‍शियम और मिनरल पाए जाते हैं। मेथी का प्रयोग कई पुराने सालों से किया आता जा रहा है और रिसर्च भी इस बात से सहमत है। लेकिन इसे ज्‍यादा ना खाएं वरना डीहाइड्रेशन भी हो सकता है। मेथी को कच्‍चा खाने की बजाए इसको सब्‍जी में डाल कर खाएं। 

2. तुलसी- इसको खाने से ना केवल बीमारियां ठीक की जा सकती हैं बल्कि ब्रेस्‍ट मिल्‍क भी बढाया जा सकता है। इसके अंदर विटामिन के पाया जाता है जो ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढाता है। आप इसे सूप में या फिर कच्‍चा शहद के साथ खा सकती हैं। 

3. करेला- इसके अंदर विटामिन और मिनरल अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है, जिससे ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढाने की क्षमता बढ जाती है। यह स्‍त्री में लैक्‍टेशन सही करता है। करेला बनाते वक्‍त हल्‍के मसालों का प्रयोग करें जिससे यह आसानी से हजम हो सके। 

4. लहसुन- इसे खाने से भी दूध बढने की क्षमता बढती है। कच्‍चा लहसुन खाने से अच्‍छा होगा कि आप उसे मीट, करी, सब्‍जी या दाल में डाल कर पका कर खाएं। अगर आप लहसुन को रोजाना खाना शुरु करेंगी तो यह आपको जरुर फायदा पहुंचाएगा। 

5. मिल्‍क प्रोडक्‍ट- ऐसी चर्बी जो कि घी, बटर या तेल से मिलती हो, वह ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढाने में बहुत कारगर होती है। यह शरीर को बहुत शक्‍ति प्रदान करते हैं। आप इन्‍हें चावल या रोटी के साथ प्रयोग कर सकती हैं। चाहें तो सब्‍जी बनाते वक्‍त भी एक चम्‍मच घी डाल कर उसे पका सकती हैं। सुडौल बनना चाहती हैं? 

6. मेवा- बादाम और काजू जैसे मेवे ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा यह विटामिन, मिनरल और प्रोटीन में काफी रिच होते हैं। अच्‍छा होगा कि आप इन्‍हें कच्‍चा ही खाएं।

Wednesday, 16 November 2016

आपका बच्चा बेवजह आपा खोए, हर समय सक्रिय रहे, फोकस न कर पाए, स्कूल में असामान्य हरकत करे, हर समय बोले या दूसरों को न बोलने दे तो विशेषज्ञ की सलाह लें क्योंकि यह एडीएचडी यानी अटेंशन डेफिसिट हाइपर एक्टिविटी डिसऑर्डर हो सकता है। इसकी जांच के  लिए कई तरह के ब्लड टेस्ट व हार्मोनल टेस्ट होते हैं। खानपान में गड़बड़ की पड़ताल कर मनोवैज्ञानिक उपचार किया जाता है। 



आधुनिक जीवनशैली का असर बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास की प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। खेल के मैदान का स्थान प्ले स्टेशन ने ले लिया है। शिक्षा से लेकर खेलकूद तक हर क्षेत्र में उन पर प्रतियोगिताओं में आगे निकलने का दबाव पड़ रहा है।

बच्चो का गुस्सा शांत करने के तरीके:


खासतौर पर शहरों के एकल परिवारों में माता-पिता यदि दोनों वर्किंग हैं, तो बच्चे अकेलेपन से भी जूझ रहे हैं। इन सब कारणों से बच्चों में चिड़चिड़ापन और जल्दी गुस्सा एक आम समस्या हो गई है। आमतौर पर माता-पिता इसे बच्चे की बदतमीजी और नादानी का नाम देकर नजरअंदाज कर देते हैं।

जाने बच्चे में गुस्सा आने की वजह क्या, और इस से कैसे बचा जा सकता है ?


मनोचिकित्सक कहते हैं, माता-पिता को बच्चे की गलत आदतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उसके कारणों को जानने की कोशिश करनी चाहिए। संभव है कि खेलकूद न कर पाने या स्कूल में कोई विषय न समझ आने के कारण या फिर दोस्तों के बीच झगड़ा व नाराजगी के कारण बच्चा चिड़चिड़ा व्यवहार कर रहा हो। माता-पिता की अटेंशन पाने के लिए भी बच्चा छोटी बातों पर गुस्सा होने लगता है।जानते हैं इसके बारे में।

दूसरों के सामने डांटें नहीं, अकेले में समझाएं 
आमतौर पर माता-पिता हाइपरएक्टिव बच्चे के स्वभाव को बद्तमीजी मानकर बार-बार दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने डांटते-फटकारते रहते हैं। लंबे समय तक ऐसा करना बच्चे की मानसिकता, आत्मविश्वास और दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ उनके व्यवहार पर नकारात्मक असर डालता है। बच्चे के आसपास ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करें, जिससे बच्चा अपनी हाइपरएक्टिविटी से बाहर आ सके। यदि बच्चे को किसी काम से रोकना है तो उसे दूसरों के सामने न डांटकर अकेले में समझाएं।

माना कि आपके पास कई तरह की जिम्मेदारियां और तनाव हैं, पर जरूरी होगा कि अपने गुस्से, चिड़चिड़ापन और चिंताओं पर नियंत्रण रखें। खुद को चिंतामुक्त रखने के लिए बाहर घूमना या अन्य मनोरंजन के तरीके ढूंढ़ें। बच्चे को अपनी चिंताओं के लिए दोष न दें। सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास करें।

कैसा रखें अपना व्यवहार
हाइपरएक्टिव बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखना जरूरी है। नियमित रूप से उसकी स्कूल टीचर से मिलते रहें। इससे बच्चे के व्यवहार को समझने में मदद मिलेगी। टीचर को वजह बताते हुए बच्चे को आगे वाली सीट पर बिठाने का अनुरोध भी कर सकते हैं। यदि बच्चे को ब्लैकबोर्ड पर कुछ लिखने के काम या किताबों को दूसरे बच्चों में वितरित करने में व्यस्त रखा जाए तो उनकी हाइपरएक्टिविटी पर काबू पाया जा सकता है।

बच्चे को वश में करने का टोटका:

हाइपरएक्टिव बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलकूद और बाहरी एक्टिविटीज में व्यस्त रखना जरूरी होता है। बच्चे को डांस या आर्ट क्लास में भेज सकते हैं। समय-समय पर उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने के लिए बाहर ले जाना भी अच्छा है। इससे बच्चे की अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा व्यय होगी और आत्म अभिव्यक्ति व सामाजिक व्यवहार की समझ भी विकसित होगी।

बच्चा यदि ज्यादा हाइपरएक्टिव है तो बच्चे की मन:स्थिति का विश्लेषण करने के लिए मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह लें। हाइपरएक्टिव बच्चों के लक्षण एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर) से काफी मिलते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों में एडीएचडी की समस्या 3-7% तक देखी गई है। इससे न केवल बच्चे के आत्मसम्मान पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि आसपास के लोगों के साथ उनके संबंध भी प्रभावित होते हैं। 

एडीएचडी एक दिमागी जैविक बीमारी है, जिसका इलाज दवाओं द्वारा किया जा सकता है। ऐसे में बच्चे को विशेष रूप से शिक्षा तथा थेरेपी दी जाती हैं, ताकि बच्चा अपने क्रोध व अतिसक्रियता पर नियंत्रण करना सीख सके।

Monday, 14 November 2016

यह गरम मसाला तो है ही यह पाचन, वातहर, स्तंभण, गर्भाशय उत्तेजक, गर्भाशय संकोचक एवं शरीर उत्तेजक है। दालचीनी का तेल उत्तेजक है। दालचीनी सुगंधित, पाचक, उत्तेजक, और बैक्टीरियारोधी है। यह पेट रोग, इंफ्यूएंजा, टाइफाइड, टीबी और कैंसर जैसे रोगों में उपयोगी पाई गई हैं।दालचीनी का तेल बनता है। दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, पेस्ट, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक के रूप में काम में आती है। 


Health Benefits of Dalchini:

  • चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम भी ठीक हो जाता है।
  • - दालचीनी का तेल दर्द, घावों और सूजन को नष्ट करता है।
  • - दालचीनी को तिल के तेल, पानी, शहद में मिलाकर उपयोग करना चाहिए। दर्द वाले स्थान पर मालिश करने के बाद इसे रातभर रहने देते है। मालिश अगरदिन में करें तो 2-3 घंटे के बाद धोएं।
  • - दालचीनी त्वचा को निखारती है तथा खुजली के रोग को दूर करती है
  • - दालचीनी सेहत के लिए लाभकारी है। यह पाचक रसों के स्त्राव को भी उत्तेजित करती है। दांतों की समस्याओं को दूर करने में भी यह उपयोगी है।
  • - रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
  • - दालचीनी का नियमित प्रयोग मौसमी बीमारियों को दूर रखता है।
  • - ठंडी हवा से होने वाले सिरदर्द से राहत पाने के लिए दालचीनी के पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाएं।
  • - दालचीनी पाउडर में नीबू का रस मिलाकर लगाने से मुंहासे व ब्लैकहैड्स दूर होते हैं।
  • - दालचीनी, डायरिया व जी मिचलाने में भी औषधी के रूप में काम में लाई जाती है।
  • - मुंह से बदबू आने पर दालचीनी का छोटा टुकड़ा चूसें। यह एक अच्छी माउथ फ्रेशनर भी है।
  • - दालचीनी में एंटीएजिंग तत्त्व उपस्थित होते हैं। एक नीबू के रस में दो बड़े चम्मच जैतून का तेल, एक कप चीनी, आधा कप दूध, दो चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पांच मिनट के लिए शरीर पर लगाएं। इसके बाद नहा लें, त्वचा खिल उठेगी।
  • - दालचीनी पाउडर की तीन ग्राम मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ लेने पर दस्त बंद हो जाते हैं
  • - आर्थराइटिस का दर्द दूर भगाने में शहद और दालचीनी का मिश्रण बड़ा कारगर है। 
  • -गंजेपन या बालों के गिरने की समस्या बेहद आम है। इससे छुटकारा पाने के लिए गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं।
  • - एक चम्मच दालचीनी पाउडर और पांच चम्मच शहद मिलाकर बनाए गए पेस्ट को दांत के दर्द वाली जगह पर लगाने से फौरन राहत मिलती है।
  • - सर्दी जुकाम हो तो एक चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में तीन बार खाएं। पुराने कफ और सर्दी में भी राहत मिलेगी।
  • - पेट का दर्द-शहद के साथ दालचीनी पाउडर लेने पर पेट के दर्द से राहत मिलती है। 
  • - खाली पेट रोजाना सुबह एक कप गरम पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से फैट कम होता है। इससे मोटे से मोटा व्यक्ति भी दुबला हो जाता है।

दालचीनी के अद्भुत स्‍वास्‍थ्‍य लाभ:


मधुमेह के रोगियों के लिए :
दालचीनी मधुमेह को सन्तुलित करने के लिए एक प्रभावी ओषधि है, इसलिए इसे गरीब आदमी का इंसुलिन भी कहते हैं।

यह शरीर में रक्त शर्करा को भी नियंत्रण में रखता है। जिन लोगों को मधुमेह नहीं है वे इसका सेवन करके मधुमेह से बच सकते हैं। और जो मधुमेह के मरीज हैं वे इसके सेवन से ब्लड शुगर को कम कर सकते है।

सावधानी:- दालचीनी अल्प मात्रा में लें, इसे अधिक मात्रा में लेने से हानि हो सकती है। रोजाना थोड़ा-थोड़ा हीं सेवन करें। दालचीनी का सेवन करने से पहले आप अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

सेवन विधि:-
• 1 कप पानी में 1 छोटा चमच दालचीनी पाउडर को उबालकर, छानकर रोजाना सुबह पियें। इसे कॉफी में भी मिलाकर पी सकते हैं। इसे सेवन करने से मधुमेह में लाभ होगा। 
• रोज तीन ग्राम दालचीनी लेने से न केवल रक्त शर्करा की मात्रा कम होती है, बल्कि सही से भूख भी लगती है। 
• दालचीनी को पीसकर चाय में चुटकी भर मिलाकर रोज दिन में दो तीन बार पीएं। इससे मधुमेह की बीमारी में आराम मिलेगा। 
• दालचीनी और पानी के घोल के प्रयोग से रक्त में शर्करा के स्तर में कमी आ जाती है।
हृदय एवं हृदय-रोग:
शहद और दालचीनी के पाऊडर का पेस्ट बनाएँ और घी या जेली के स्थान पर इसे रोटी पर चुपड़कर खाएँ. इससे आपकी धमनियों में कॉलेस्ट्रोल जमा नहीं होगा और स्वस्थ लोग अगर इसका सेवन करें तो हार्ट-अटेक की सँभावना से सदैव बचे रहेंगे. जिन लोगों को एक बार हार्ट-अटेक का दौरा पड़ चुका है अगर वे इस प्रयोग को करेंगे तो अगले हार्ट अटेक से बचे रहेंगे. इसका नियमित उपयोग करने से साँस फूलने की कठिनाई दूर होती है तथा हृदय की धडकन में शक्ति का समावेश होता है.

जोड़ एवं संधिवात रोग:
संधिवात के रोगी को दो बड़े चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पाऊडर एक गिलास मामूली गर्म जल के साथ सुबह-शाम सेवन कराएँ. साथ ही नाश्ते से पूर्व एक बड़ा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पाऊडर का मिश्रण, गरम पानी के साथ देवें. इस प्रयोग से केवल एक सप्ताह में ही रोगी संधिवात के दर्द से करीब-करीब मुक्त हो जाता है. एक महीने के प्रयोग से तो ऐसे रोगी, जो संधिवात की वजह से चलने फिरने में असमर्थ हो गये हों, वे भी चलने फिरने लायक हो जाते हैं.

मूत्राशय का संक्रमण:
यूरिनरी-ब्लेडर में इन्फ़ेक्शन होने पर दो बड़े चम्मच दालचीनी का पाऊडर और एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर गरम पानी के साथ देने से मूत्रपथ के रोगाणु नष्ट हो जाते हैं.

कोलेस्टरोल घटाने के लिये:
बढ़े हुए कॉलेस्ट्रोल की स्थिति में दो बड़े चम्मच शहद और तीन छोटे चम्मच दालचीनी पाऊडर को आपस में मिलाकर आधा लीटर मामूली गरम जल के साथ लेने पर सिर्फ़ २ घंटे में ही रक्त में कॉलेस्ट्रोल का स्तर १० प्रतिशत नीचे आ जाता है. और रोजाना कुछ दिनों तक, लगातार दिन में तीन बार लेते रहने से बढ़े-कॉलेस्ट्रोल से पीड़ित पुराने रोगी भी ठीक हो जाते हैं.

पेट की समस्याएँ:
शहद और दालचीनी के पाऊडर का मिश्रण लेने से पेट-दर्द और पेट के अल्सर जड़ से ठीक हो जाते हैं. जापान और भारत में किये गये रिसर्च से साबित हुआ है कि दालचीनी और शहद के प्रयोग से उदर की गैस का भी समाधान हो जाता है.

मुँहासे:
तीन बड़े चम्मच शहद और एक छोटी चम्मच दालचीनी पाऊडर का पेस्ट बनाकर रात को सोते वक्त चेहरे पर लगा लें और अगली सुबह गरम जल से धो लें. दो सप्ताह के प्रयोग से मुँहासे समाप्त होकर चेहरा कांतिमय बन जाता है.

त्वचा विकार:
दालचीनी और शहद की समान मात्रा को मिलाकर एक्ज़ीमा, दाद आदि पर लगाने से अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं, और अगर स्वस्थ व्यक्ति इस प्रयोग को अपनाएँ तो उन्हें कभी ये रोग नहीं होते हैं.

मोटापा निवारण:
एक छोटा चम्मच दाल चीनी पाऊडर एक गिलास जल में उबालें फ़िर आँच से उतारकर इसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर सुबह नाश्ते से ३० मिनिट पूर्व सहता हुआ गरम पिएँ. ऐसा ही रात को सोने के पहले करें. यह उपचार नियमित रूप से लेने से शरीर की अनावश्यक चर्बी समाप्त होती है साथ ही ज्यादा कैलोरी वाला भोजन लेने पर भी शरीर में चर्बी नहीं बढ़ती है.

कैंसर:
जापान और आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों द्वारा आमाशय और अस्थि कैंसर की बड़ी हुई स्थिति को दालचीनी और शहद के उपयोग से पूरी तरह काबू में किया जा चुका है. ऐसे रोगियों को बस नियमित रूप से रोजाना, एक बडा चम्मच शहद और एक छोटी चम्मच दालचीनी के पाऊडर को प्रातः एवं सायंकाल एक गिलास गरम जल के साथ एक माह तक लेना चाहिये.

बहरापन:
दालचीनी और शहद बराबर मात्रा में लेने से बहरेपन में फायदा होता है. दिन में दो बार लेना हितकर है.

दीर्घ जीवन:
लंबी उम्र के लिये दालचीनी और शहद का नियमित उपयोग करें. इस हेतु तीन गिलास पानी उबालने के बाद इसमें चार छोटी चम्मच शहद और एक छोटी चम्मच दालचीनी का पाऊडर मिलाएँ, ऐसा एक चौथाई गिलास मिश्रण हर तीसरे घंटे से पिएँ. इससे त्वचा स्वच्छ और झुर्री रहित बनाने में मदद मिलती है. यह बुढ़ापे को दूर रखने का सर्वोत्तम उपाय है. 

रोग-प्रतिरोधक तंत्र:
शहद और दालचीनी के उपयोग से खून में श्वेत रक्त कणों की वृद्धि होती है और शरीर का इम्युन-सिस्टम ताकतवर बनता है. जिससे शरीर की रोगाणु और वायरस के हमले से सुरक्षा होती है. शरीर की जीवाणु और वायरल बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है.

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Sunday, 13 November 2016

हमें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी से सामना न करना पड़े इसलिए जरूरी है कि हम अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ख्‍याल रखें। हमारे घर में मौजूद कुछ ऐसे फूड हैं जिनका सेवन कर हम हमेशा स्‍वस्‍थ रह सकते हैं। 

आयुर्वेदिक हेल्‍थ ड्रिंक:

क्‍या आप टोमैटो जूस और बादाम दूध के फायदों से वाकिफ़ हैं, अगर नहीं तो हम आपको इसके असाधारण स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में बता रहें हैं। इसके 5 चमत्‍कारिक फायदों को जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। 

इस हेल्‍थ ड्रिंक को तैयार करना बहुत ही आसान है। इसे बनाने के लिए तीन चम्‍मच टोमैटो जूस और दो चम्‍मच बादाम दूध को ब्‍लेंडर में डालकर मिक्‍स कर लें। 



इसके बाद इसे एक कप में निकाल लें और पीने के लिए तैयार हो जाएं। आइए स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हेल्‍थ ड्रिंक के फायदों के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।


दिल का रखे ख्‍याल

यह आयुर्वेदिक हेल्‍थ ड्रिंक शरीर में रक्‍त प्रभाव को तेज करता है, जिससे धमनियां कोलेस्‍ट्रॉल से मुक्‍त हो जाती है और इस प्रकार से हमारा ह्रदय स्‍वस्‍थ रहता है।

डिप्रेशन को दूर भगाए:

जब आप डिप्रेशन में हों तब इस हेल्‍थ ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद बादाम दूध में ओमेगा थ्री फैटी एसिड पाया जाता है। जो कि हमारे शरीर में सेरोटोनिन को श्रावित करता है जो तनाव को दूर करने में मदद करता है।

वजन घटाने में करता है मदद

ये हेल्‍थ ड्रिंक वजन कम करने में अच्‍छी भूमिका निभाता है। इसे  आप प्रतिदिन सुबह खाली पेट ले सकते हैं, जो वजन घटाने में मदद करेगा।

आखों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए

यह घरेलू हेल्‍थ ड्रिंक हमारी आंखों की तंत्रिकाआों को मजबूत करता है। इसके सेवन से आपको दृष्टि दोष की समस्‍या नही होती है। साथ ही आंखों में ड्राईनेस और इंफेक्‍शन की दिक्‍कत नही होती है।

कब्‍ज दूर करे

टोमैटो जूस और बादाम दूध से बना यह ड्रिंक कब्‍ज दूर करने में बहुत ही कारगर है। यह आंतों को चौड़ा करने के साथ ही पेट को पूरी तरह से साफ रखता है, जिससे कब्‍ज की समस्‍या नही होती है।

Saturday, 12 November 2016

जब आपको खांसी या अस्‍थमा की शिकायत होती है तो इसके लिए आप अपने घर में रखे विक्‍स का इस्‍तेमाल जरूर करते होंगे। इसके प्रयोग से इन समस्‍याओं से आराम भी मिलता है।



सर्दी और नजला के लक्षण दिखाई देने पर विक्‍स को खासतौर पर छाती पर लगाते हैं, जिससे शरीर को आराम मिलता ही है साथ ही रात में नींद भी अच्‍छी आती है। लेकिन आपको शायद यह पता नही होगा कि विक्‍स को शरीर के दूसरे हिस्‍सों में लगाया जा सकता है।

सीने नहीं पैरों में विक्स लगाने से जल्द ठीक होती है सर्दी? जानें सच:

विशेषज्ञ मानते हैं कि विक्‍स को सीने में रगड़ने के बजाए यदि पैर के तलवों में ठीक तरह से मालिश किया जाए तो खांसी-जुकाम से जल्‍दी छुटकारा पाया जा सकता है। रात को सोने से पहले इसे लगाने के बाद सुबह आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे।

Can smothering your FEET in Vicks cure that cough?:

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Friday, 11 November 2016

सर्दी जुकाम हो या फिर त्वचा की देखभाल, भाप लेना एक बेहतरीन कारगर प्रक्रिया है। बगैर किसी साइड इफेक्ट के, कई स्वास्थ्य और सेहत के फायदे पाने के लिए  आपको जरूर पता होना चाहिए भाप लेने के यह 5 फायदे .

1 सर्दी-जुकाम और कफ होने की स्थ‍िति में भाप लेना रामबाण उपाय है। भाप लेने से न केवल आपकी सर्दी ठीक होगी बल्कि गले में जमा हुआ कफ भी आसानी से निकल सकेगा और आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।



भाप आपके फेफड़ो और स्वास की नली मे गर्माहट लता है! इसकी वजह से जो बभही म्यूकस जमा हुआ होता है वो पीगाल जाता है और आसानी से सॉफ हो जाता है! ऐसा होने से आपको सांस की तकली दूर हो जाती है और शर्दि मे राहत मिलती है

भाप लेने के 5 खास फायदे, जरूर जानिए | benefits of steam bath:

2 त्वचा की गंदगी को हटाकर अंदर तक त्वचा की सफाई करने और त्वचा को प्राकृतिक चमक प्रदान करने के लिए भाप लेना एक बेहतरीन तरीका है। बगैर किसी मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल किए यह तरीका आपकी स्किन को ग्लोइंग बना सकता है।

3 अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं में भी भाप लेना काफी फायदेमंद साबित होता है। डॉक्टर्स ऐसी परिस्थति में भाप लेने की सलाह देते हैं, ताकि मरीज को राहत की सांस मिल सके।

4 चेहरे की मृत त्वचा को हटाने एवं झुर्रियों को कम करने के लिए भी भाप लेना एक बढ़िया उपाय है। यह आपकी त्वचा को ताजगी देता है, जिससे आप तरोताजा नजर आते हैं। त्वचा की नमी भी बरकरार रहती है।

5 अगर चेहरे पर मुंहासे हैं, तो बिना देर किए चेहरे को भाप दीजिए। इससे रोमछिद्रों में जमी गंदगी और सीबम आसानी से निकल पाएगा और आपकी त्वचा साफ हो पाएगी।

जब स्टीम आपके चेहरे पर लगती है तो मूह की स्किन पे जो पोर्ज़ होते है वो खुल जाते है! इसकी वजह से इसके अंदर की जो भी डेड स्किन या इन्फेक्षन है वो बाहर निकल जाता है!

Thursday, 10 November 2016

आंख हमारे शरीर का सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, बल्कि सबसे उपयोगी अंग भी है। इसका सिर्फ खूबसूरत होना तबतक मायने नहीं रखता जबतक कि आपके आंखों की रोशनी भी सलामत न हो, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो या तो 


आपकी खूबसूरत आंखों को चश्मे के मोटे-मोटे फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर लेंस लगाने के झंझटों में फंसे ही रहेंगे। आज इण्टरनेट का युग है टी.बी,मोबाइल, लेपटाप व अन्य डिवाइसों के बिना रहना अगर असम्भव नही तो कठिन अवश्य है।

आँखों की देखभाल एवं घरेलु नुस्खे:

हम जानते है कि आँखें हमारे शरीर का ही अंग हैं और उनकी रोशनी कम होने का मतलव है कि आपके शरीर में कमजोरी आ गयी है।और शरीर की कमजोरी बनती है आपके पेट से अगर आपका पेट साफ रहता है तो रोग आपके आस पास भटकेगा भी नही |

अतः आँखों का इलाज करने से पहले आपका पेट साफ होना चाहिए।

आँखों की देखभाल एवं घरेलु नुस्खे :
सामान्य उपाय ---
1- Early to bed & Early to rise makes a man healthy wealthy & wise.
के अनुसार जल्दी सोयें जल्दी जागें ।
2-उठते ही रात में रखा हुआ ताँवे के वर्तन का जल प्रतिदिन पियें।
3- भोजन हमेशा ताजा व पालथी लगाकर ही करें।
4- रोजाना टहलने जरुर जाएं।
5- 10 ग्राम गुलकन्द दूध के साथ लें

नेत्र ज्योति वर्धक उपाय
रात को दो गिलास पानी को एक वर्तन में ले लें तथा एक मुठठी आँवला उसमें डाल कर फूलने रख दें ध्यान रखें आँवलों को पहले साफ कर लें।सुवह को आँवलों को मसल कर यदि ठण्ड का समय है तो आँवलों के पानी को थोड़ा कुनकना कर लें वाद में मसलें तथा छान लें एक चुटकी मेथी दाना मुँह में डाल कर आधा पानी पी जाऐं।
वाकी पानी से आँखें धो लें। इस नुस्खे से आँखो की रोशनी भी बढे़गी साथ ही साथ कब्ज भी दुर होगी |
प्राणायाम :
प्राणायाम आंखों की रोशनी को सही और आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है।इसे करने के लिए आप सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें। अब आंखें बंद रखकर लंबी सांस लें और फिर छोड़ें। इस क्रिया को लगातार करें। 

अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ लें और गर्म हाथों को तेजी से आंखों पर रखें। ऐसे करने के बाद कुछ पल के बाद हाथ हटाएं और फिर धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलें। ऐसा करें तो आपकी आंखें भी हर पल आपका साथ देंगी।

नज़र को ज़रा दूर दौड़ाएं: 
इसके लिए कोई ऐसा केन्द्र चुनें जो आपकी नज़र में सबसे दूर मौजूद हो। अब उसे ध्यान से देखने की कोशिश करें और तकरीबन 5-7 मिनट तक ऐसा जरूर करें। ऐसा रेग्युलर करते रहने से आंखों को रोशनी बढ़ती है।

बीच-बीच में अपनी पलकें झपकाएं आंखें थक जाए तो बीच में रुकिए और कुछ सेकंड तक अपनी पलकें लगातार झपकाएं और फिर तेजी से बंद कर लें और फिर थोड़ी देर बाद खोलें। समझिए, आपको आंखों को रिफ्रेशमेंट मिल गया।

इसके अलावा रात में खुले आसमान के नीचे रहने का मौका मिले तो एकटक से चांद-सितारों को देखने की कोशिश करें। सूर्य और ऐसे किसी चीज पर नज़र गड़ाने की कोशिश न करें जिससे तेज रोशनी निकल रही हो।

नाक की तरफ अपनी दोनों आंखों को फोकस करें और उसके कुछ पल बाद किसी अन्य वस्तु पर नज़र फोकस करें। यह एक्सरसाइज़ सुबह सवेरे कम से कम 10 बार करें तो आंखों को फायदा होगा।

इसके अलावा काम के बीच-बीच में आंखों को गोलाकार करके घुमाएं। पहले घड़ी की दिशा में घुमाएं और फिर तीन-चार राउंड के बाद घड़ी के विपरीत दिशा में घुमाएं। आप इसे ऊपर-नीचे या बाएं-दाएं भी घमा सकते हैं।

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Tuesday, 8 November 2016

पके कम नींद निकालने की आदत आपको ब्लड प्रेशर का मरीज बना सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर हो या लो ब्लड प्रेशर दोनों ही स्थितियां आपके सामान्य जीवन को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। जो लोग 5 घंटे या उससे कम सोते हैं 

उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आमतौर पर पाई जाती है। इसका खुलासा एक रिसर्च में भी किया गया है। ये आदत न सिर्फ ब्लड प्रेशर बल्कि हाइपर टेंशन का भी कारण बनती है।

Home remedies for blood pressure and diabetes:

वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोग अगर रोज़ 7 घंटे की नींद लेने लगे तो इस समस्या पर काबू पाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा आप इन तरीकों को अपनाकर बिना कोई दवा खाए अपने ब्लड प्रेशर की समस्या को काबू में कर सकते है

नॉनवेज से बनाएं दूरी: 
नमक आपके शरीर में ज्यादा पानी बनाए रखने में मददगार साबित होता है। शरीर में जब पानी की मात्रा ज्यादा होती है तो ये ब्लड प्रेशर बढ़ाने का काम करती है। जो लोग ब्लड प्रेशर के पहले से मरीज़ है अगर वो ज्यादा नमक का इस्तेमाल करते हैं तो उनमें कार्डियोव्स्क्युलर बीमारियों का खतरा पहले से ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को नॉन वेज भी संभल कर खाना चाहिए क्योंकि उसमें सामान्य से ज्यादा नमक पाया जाता है।

वर्कआउट करना ज़रूरी: 
ब्लड प्रेशर की समस्या से दूर रहने के लिए आपको हर हफ्ते करीब 150 मिनट वर्कआउट करने में खर्च करने चाहिए। रेग्युलर एरोबिक आपके ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है और आपको दवाओं से भी दूर कर देता है।

रोजाना करें मेडिटेशन: 
रिसर्च में सामने आया है कि दिन में सिर्फ 10 मिनट मेडिटेशन आपको ब्लड प्रेशर की समस्या से दूर रखता है। स्ट्रेस में मानव शरीर में एड्रेलिन नाम का एक हारमोन निकलता है, जो कि हार्टबीट और ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का कम करता है। इसलिए स्ट्रेस भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करता है ऐसे में स्ट्रेस से दूर रहकर ब्लड प्रेशर से भी छुटकारा मिल जाता है।

लंबाई के अनुसार वज़न करें मेंटेंन : 
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए आपको अपने वज़न को भी कंट्रोल में रखना पड़ता है। जैसे-जैसे आपका वज़न बढ़ता है आपके दिल को ब्लड पंप करने में मुश्किल पेश आने लगती है। इसका सीधा नतीजा ब्लड प्रेशर के रूप में सामने आता है। आपकी लंबाई के मुताबिक आपको अपना वज़न मेंटेन करना चाहिये।

डाइट में सब्जियां और फल करें शामिल : 
रिसर्च में ये सामने आया है कि आपकी थाली में सब्जियां और फल जितने ज्यादा होते हैं ब्लड प्रेशर की समस्या आपसे उतनी ही दूर रहती है। हापरटेंशन के मरीजों के लिए भी फ्रूट्स का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। ये आपके ब्लड को सामान्य रखने में मदद करता है। ये शरीर में विटामिन और पोटेशियम जैसे तत्वों को कम नहीं होने देते।

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Monday, 7 November 2016

Ayurvedic and domestic treatment of freckle:

झाइयाँ  को कम करने के लिए aloe vera gel से week में कम से कम दो बार चहरे का मसाज करना चाहिए। इससे चहरे पर हुए dark spot कम होते है ।

एक पुरे संतरे के छिलके (orange peels) में तुलसी के लगभग 7 से 8 पत्ते के साथ एक चुटकी हल्दी और थोड़ा सा दूध मिला कर उसका लेप बना ले ।


चेहरे की झाइयाँ दूर करने के घरेलू उपचार:


फिर उस लेप को पुरे चहरे पर लगायें। फिर 15 से 20 मिनट के बाद गुनगुने पानी से चहरा धो ले। रोजाना इसे लगाने से झाइयाँ कम हो जाती है ।

झाइयाँ खत्म करने का इलाज | झाई का आयुर्वेदिक और घरेलु इलाज:

अगर आपके चहरे पर झाइयाँ है तो आप निम्बू (lemon) के छिलके को उल्टा कर के अपने चहरे पर कम से कम 5 मिनट तक मले फिर थोड़ा सा बेसन को पानी में मिला कर उसका लेप चहरे पर लगायें। 10 मिनट बाद ठंडे पानी से धो ले । इससे झाइयाँ ख़त्म हो जाएगी ।

Sunday, 6 November 2016

नई एवं पुरानी प्राणघातक बीमारियाँ दूर करने के लिए यह एक अत्यंत सरल एवं बहुत बढ़िया प्रयोग है। इसको हम यहाँ पानी प्रयोग कहेंगे। पानी प्रयोग नामक एक लेख 'जापानीज सिकनेस एसोसिएशन' की ओर से प्रकाशित हुआ है।

उसमें बताया गया है कि यथायोग्य रीति से पानी प्रयोग किया जाये तो निम्नलिखित पुरानी तथा नई प्राणघातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं-



मधुप्रमेह (डायबिटीज), सिरदर्द, ब्लडप्रेशर, एनिमिया (रक्त की कमी), जोड़ों का दर्द, लकवा (पेरेलिसिस), मोटापन, हृदय की धड़कनें एवं बेहोशी, कफ, खाँसी, दमा (ब्रोन्काईटीस),

Home Remedies For Diabetics In Hindi:


टी.बी., मेनिनजाईटीस), लीवर के रोग, पेशाब की बीमारियाँ, एसीडीटी (अम्लपित्त), गेस्ट्राईटीस (गैस विषयक तकलीफें), पेचिश, कब्ज, हरस, आँखों की हर किस्म की तकलीफें, 

स्त्रियों का अनियमित मासिकस्राव, प्रदर (ल्यकोरिया), गर्भाशय का कैंसर, नाक, कान एवं गले से सम्बन्धित रोग आदि आदि।

पानी पीने की रीतिः प्रभात काल में जल्दी उठकर, बिना मुँह धोये हुए बिना ब्रश किये हुए करीब सवा लीटर (चार बड़े गिलास) पानी एक साथ पी लें। तदनन्तर 45 मिनट तक कुछ भी खायें-पियें नहीं। पानी पीने के बाद मुँह धो सकते हैं, ब्रश कर सकते हैं।

यह प्रयोग चालू करने के बाद सुबह में अल्पाहार के बाद, दोपहर को एवं रात्रि को भोजन के बाद दो घण्टे बीत जाने पर पानी पियें। रात्रि के समय सोने से पहले कुछ भी खाये नहीं।

बीमार एवं बहुत ही नाजुक प्रकृति के लोग एक साथ चार गिलास पानी नहीं पी सकें तो वे पहले एक या दो गिलास से प्रारंभ करें और बाद में धीरे-धीरे एक-एक गिलास बढ़ाकर चार गिलास पर आ जायें। फिर नियमित रूप से चार गिलास पीते रहें।

डायबिटीज एवं अन्य रोगों के लिए:

बीमार हो या तन्दुरुस्त, यह प्रयोग सबके लिए इस्तेमाल करने योग्य है। बीमार के लिए यह प्रयोग इसलिए उपयोगी है कि इससे उसे आरोग्यता मिलेगी और तन्दुरुस्त आदमी यह प्रयोग करेगा तो वह कभी बीमार नहीं पड़ेगा।

जो लोग वायु रोग एवं जोड़ों के दर्द से पीड़ित हों उन्हें यह प्रयोग एक सप्ताह तक दिन में तीन बार करना चाहिए। एक सप्ताह के बाद दिन में एक बार करना पर्याप्त है। 

यह पानी प्रयोग बिल्कुल सरल एवं सादा है। इसमें एक भी पैसे का खर्च नहीं है। हमारे देश के गरीब लोगों के लिए बिना खर्च एवं बिना दवाई के आरोग्यता प्राप्त करने की यह एक चमत्कारिक रीति है।

चार गिलास पानी पीने से स्वास्थ्य पर कोई भी कुप्रभाव नहीं पड़ता। हाँ, प्रारंभ के तीन-चार दिन तक पानी पीने के बाद दो-तीन बार पेशाब होगा लेकिन तीन-चार दिन के बाद पेशाब नियमित हो जायेगा।

प्रातःकाल में दातुन करने से पहले पानी पीने से कई रोग मिट जाते हैं

Friday, 4 November 2016

धूल, धूप, पसीना, प्रदूषण आदि से चेहरे की रौनक कहीं गायब हो जाती है। चेहरे को बार-बार साबुन से धोएं, तो त्वचा रूखी हो जाएगी और ना धोएं तो तैलीय त्वचा होने का डर बना रहता है।सुंदर दिखने के लिए महिलाएं तरह-तरह के नुस्खे अपनाती हैं लेकिन क्या वे तरीके स्वस्थ होते हैं?


Enhanced your skin beauty in minutes:


यह जानना बहुत जरूरी है क्योंकि खूबसूरत तभी अच्छी लगती है जब आप पूरी तरह से स्वस्थ हों और आपकी सेहत पर इन नुस्खों का कोई असर विपरीत असर ना पड़े।  तो ऐसा क्या करें कि त्वचा की खूबसूरती बनी रहे। अगर आप अपने चेहरे की खोई रौनक झटपट वापस पाना चाहते हैं, तो

ये टिप्स आजमाएं- सुबह चेहरे को बनाएं फ्रेश
सुबह हमारी नींद तो खुल जाती है, मगर हमारी त्वचा का जागना अभी बाकी रहता है। त्वचा को जगाने का सबसे आसान तरीका ठंडा पानी या बर्फ हो सकता है। सुबह-सुबह अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोएं या चेहरे पर बर्फ रगडे़ं। इससे कुछ ही सेकेंड में आपकी त्वचा दमक उठेगी। ठंडा पानी या बर्फ हमारे रक्तसंचार को थोड़ा तेज कर देता है, 

जिसकी वजह से चेहरे पर चमक लौट आती है। इसके अलावा ठंडा पानी चेहरे के रोमछिद्र को बंद कर देता है, जिससे चेहरा चिकना और मुलायम दिखने लगता है। चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर या टोनर लगाएं। गर्मी के मौसम में मॉइस्चराइजर आदि को फ्रिज में रखें।

त्वचा की सफाई है जरूरी
खूबसूरत, चिकनी और नरम त्वचा के लिए उसकी सफाई बहुत जरूरी है। त्वचा पर गंदगी जमी रहे तो उसका चमकना संभव नहीं है। सप्ताह में कम से कम तीन दिन चेहरे को स्क्रब करें, ताकि रूखी, बेजान और मृत त्वचा निकल जाए। आप चाहें तो घर पर भी स्क्रब बना सकती हैं। घर में स्क्रब बनाने के लिए आप दूध,पपीता और शहतूत आदि 

का इस्तेमाल कर सकती हैं। इनमें त्वचा को साफ करने वाले प्राकृतिक तत्व होते हैं।
फेस मास्क से मिटाएं चेहरे की थकान
चेहरे की थकान छुपाए नहीं छुपती, इसलिए चेहरे की खूबसूरती के लिए इसका तंदुरुस्त रहना बहुत जरूरी है। फेस मास्क या फेस पैक इसमें काफी हद तक मदद करता है। 

त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक फेस पैक के लिए पुदीने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। चेहरे पर पुदीने का पेस्ट ना केवल त्वचा को ठंडक पहुंचाएगा, बल्कि त्वचा की सफाई भी करेगा। इसके साथ ही चेहरे पर खीरे का पेस्ट भी लगा सकती हैं या दोनों को मिलाकर फेस पैक बना सकती हैं,

लेकिन फेस पैक बनाने से पहले किसी जानकार से फेस पैक बनाने की विधि जरूर जान लें। अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो आप मुल्तानी मिट्टी और पुदीने का पेस्ट लगा सकती हैं। यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोख लेगा और चेहरे को फ्रेश लुक देगा।

सनस्क्रीन का नियमित प्रयोग
आपकी त्वचा चाहे जैसी भी हो, सनस्क्रीन का प्रयोग करना बेहद जरूरी है। इसके प्रयोग से त्वचा सूरज की रोशनी से होने होने वाले नुकसान से सुरक्षित रहती है। इतना ही नहीं, इसके इस्तेमाल से आप कहीं ज्यादा जवान दिखने लगती हैं। सबसे जरूरी यह है कि सनस्क्रीन का प्रयोग त्वचा को तैलीय बनाने के लिए करें। अच्छी गुणवत्ता वाले सनस्क्रीन का प्रयोग करें। इसके इस्तेमाल से आपकी त्वचा को सुरक्षा मिलती है और साथ ही आप ज्यादा समय तक जवान और खूबसूरत रहती हैं।

चेहरे को रखें तरोताजा
अगर आप तरोताजा होने के लिए और आयली स्किन से बचने के लिए दिन में कई बार चेहरे को धोती हैं तो ऐसा न करें। दरअसल इससे त्वचा कहीं ज्यादा आयली हो जाती है। बेहतर होगा कि दिन में सिर्फ दो बार चेहरे को धोएं और त्वचा को तैलीय होने से बचाने के लिए ब्लोटिंग पेपर का प्रयोग करें।

कैरेट फेशियल
एक कटोरे में गाजर का रस लेकर उसमें दही, नींबू का रस व गुलाब जल मिलाएं। अपना चेहरा धोएं और फिर यह स्क्रब लगाएं और 10 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। मुंह ठंडे पानी से धो लें।

नींबू स्क्रब
एक कटोरे में कुछ बूंदें नींबू की और सेंधा नमक मिलाएं। इसके अलावा आप चाहें तो उसमें दही भी मिला सकती हैं। अब इस तैयार स्क्रब से मुंह और गर्दन को अच्छे से रगड़े और फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें।

संतरा स्क्रब
आयली स्किन और डेड सेल से छुटकारा पाने के लिए इस होममेड फेशियल का प्रयोग करें। संतरे के छिलके को धूप में सुखाकर पाउडर बनाएं और फिर इसमें दही या दूध, नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और धीरे-धीरे मलकर डेड सेल तथा आयल को निकालें।

कुकुंबर फेशियल
तेल रहित त्वचा के लिए खीरे को पीस लें और चेहरे पर लगा लें। इस स्क्रब को रोजाना प्रयोग करने से चेहरे से तेल मिट जाता है और चेहरा साफ हो जाता है।

खानपान में करें सुधार
ज्यादा वसा वाला भोजन खाने से हमारी त्वचा जल्दी बूढ़ी हो जाती है। खूबसूरत और चमकदार त्वचा के लिए ताजी हरी सब्जियां सबसे उपयोगी होती हैं। जानकारों की मानें, तो गहरे हरे रंग की सब्जियों में आयरन प्रचुर मात्रा में होती है, जो त्वचा पर पीलापन आने, नाखून टूटने और आंखों के नीचे काले घेरे बनने से रोकता है। रोजाना नाश्ते में बादाम और अखरोट शामिल कर लें। आपकी त्वचा को जीवंत और चमकदार बनने से कोई नहीं रोक सकता ।

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